– द्वितीय दिवस खिरकिया के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुई मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद गतिविधियां
अनोखा तीर, हरदा। महिला एवं बाल विकास विभाग हरदा द्वारा परियोजना खिरकिया के अंतर्गत संचालित 108 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन सेवा अभियान के द्वितीय दिवस को मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद के रूप में आयोजित किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद किया गया। साथ ही आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण भी देखा गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए पोषण माह के दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने वाले अनाज एवं मोटे अनाजों से पौष्टिक आहार तैयार कर उनके उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। अभियान का उद्देश्य माताओं एवं परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना तथा बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित देखभाल के प्रति सजगता बढ़ाना रहा। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर अवधि के दौरान आवश्यक सावधानियों, नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श तथा मातृ स्वास्थ्य की देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित पोषण संवाद में माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्थानीय एवं उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग, एनीमिया से बचाव तथा गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद उचित पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही स्तनपान एवं शिशु देखभाल के संबंध में जानकारी साझा करते हुए नवजात एवं छोटे बच्चों के उचित पोषण, स्वच्छता और देखभाल पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ संवाद एवं सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों में उत्साह एवं प्रसन्नता बढ़ाने के उद्देश्य से फलों एवं मिठाई का वितरण भी किया गया। आंगन मिलन सेवा अभियान अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता और समुदाय की सहभागिता के प्रभावी केंद्र के रूप में उपयोग किया गया। गतिविधियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, गर्भवती एवं धात्री माताएं, बच्चे तथा स्थानीय समुदाय के सदस्य सहभागी रहे।





