-धान पंजीयन के लिए जिले में सिर्फ तीन केंद्र, दूर-दराज के गांवों से किसानों को करना पड़ रहा सफर
अनोखा तीर, मसनगांव। सोयाबीन की फसल पककर तैयार होने की स्थिति में पहुंच गई है, लेकिन समर्थन मूल्य या भावांतर योजना के तहत उपज बेचने के लिए अब तक पंजीयन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि आगामी 8 से 10 दिनों में कई क्षेत्रों में सोयाबीन की कटाई शुरू हो सकती है। ऐसे में समय रहते पंजीयन शुरू नहीं हुआ तो फसल बेचने के दौरान किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्राम के किसान नितेश पाटिल, रेवाशंकर गुर्जर, रामदास पाटील सहित अन्य किसानों ने बताया कि सोयाबीन लगभग तैयार है, लेकिन उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य से कम भाव मिलने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था, जबकि भावांतर योजना के तहत उपज बेचने वाले किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सका था। इस वर्ष भी किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य अथवा भावांतर योजना में बेचने के लिए पंजीयन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, दवाइयों और अन्य कृषि सामग्री पर खर्च बढऩे के बावजूद उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में समय पर उपार्जन व्यवस्था और पंजीयन प्रक्रिया शुरू करना जरूरी है।
धान पंजीयन के लिए सिर्फ तीन केंद्र
इधर धान उपार्जन के पंजीयन को लेकर भी किसानों की परेशानी सामने आ रही है। जिले में धान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगी, लेकिन इसके लिए जिले में केवल तीन समितियों को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें रूपी परेटिया, सोडलपुर और गोदागांव समिति शामिल हैं। हरदा जिले के हंडिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों ने धान की फसल लगाई है। ऐसे में किसानों को पंजीयन कराने के लिए दूर स्थित केंद्रों तक जाना पड़ रहा है। सोनतलाई सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों को भी पर्याप्त पंजीयन केंद्र नहीं होने से अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि बड़े क्षेत्र में धान की खेती होने के बावजूद पंजीयन केंद्र सीमित रखना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है। किसानों ने खेड़ा सोसायटी सहित अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी पंजीयन केंद्र शुरू करने की मांग की है, ताकि उन्हें दूर-दराज के केंद्रों तक नहीं जाना पड़े। किसानों ने प्रशासन से सोयाबीन पंजीयन जल्द शुरू करने के साथ धान के पंजीयन के लिए अतिरिक्त कंेद्र बनाए जाने की मांग की है। इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी गंगा देवी भिड़े ने बताया कि उपार्जन समिति द्वारा तीन केंद्रों पर पंजीयन का कार्य निर्धारित किया गया है। किसान संबंधित केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा सीएससी सेंटर के माध्यम से भी उपज बिक्री के लिए पंजीयन कराया जा सकता है।





