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Thursday, 22 October 2026
हरदा

 बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संस्कारों ने जीता सभी का मन

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-रमन रोमांच व्यक्तित्व विकास शिविर का उत्साहपूर्ण समापन
-बच्चों ने प्रस्तुत की प्रतिभा की शानदार झलक

अनोखा तीर, हरदा। मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय रमन रोमांच व्यक्तित्व विकास शिविर का भव्य समापन समारोह उत्साह, उमंग और प्रेरणा के वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर बच्चों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, संस्कार और रचनात्मकता की ऐसी झलक प्रस्तुत की, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम  में शिविर में भाग लेने वाले बच्चों के साथ उनके अभिभावकों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन, दीप प्रज्वलन एवं शिविर की बालिका अक्षिती दुबे द्वारा सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात स्वाति गुरु ने सात दिवसीय शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। शिविर की झलकियों एवं बच्चों की सक्रिय सहभागिता को देखकर उपस्थित बच्चे खुशी से झूम उठे तथा अभिभावकों ने भी इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने शिविर में सीखी गई विभिन्न गतिविधियों, ज्ञान और अनुभवों को आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुत किया। बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उनके व्यक्तित्व, व्यवहार, संवाद क्षमता, आत्मअनुशासन तथा रचनात्मक सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। आत्मरक्षा, कला, व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम  की अध्यक्षता समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. विनीता रघुवंशी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजेंद्र उपाध्याय उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों की अनुशासनप्रियता, उत्साह और प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास निर्माण और सामाजिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। शिविर के दौरान बच्चों को प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों नेहा बाफना, कोमल सिंह राजपूत, राजेश बिलिया, स्वाति मुकाती, पवन मोरछले एवं कलाग्रह टीम के योगदान की विशेष सराहना की गई। प्रशिक्षकों ने सात दिनों तक बच्चों को आत्मरक्षा, कला, अनुशासन, व्यवहारिक कौशल और रचनात्मकता की नई-नई सीख प्रदान की। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें सम्मान स्वरूप प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। बच्चों और अभिभावकों के चेहरों पर उत्साह, गर्व और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। उपस्थित अभिभावकों एवं नागरिकों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की आवश्यकता जताई। इस अवसर पर ज्ञानेश चौबे एवं मीरा शर्मा ने अपने प्रेरणादायी विचार साझा करते हुए कहा कि बच्चों के भीतर असीम संभावनाएं और प्रतिभाएं छिपी होती हैं, आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा, प्रोत्साहन और उचित मंच देने की होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर बच्चों को आत्मविश्वास प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से भी जोड़ते हैं। इस दौरान शिविर में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गोपेश चन्देवा, शिवानी जोहरा एवं प्रीतम देवड़ा को सम्मानित किया गया। समाजसेवी रामशंकर मुकाती ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम  का संचालन कपिल दुबे ने प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम  बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं। उत्साह, प्रेरणा और नई ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ यह समापन समारोह बच्चों के लिए सीख, संस्कार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का एक यादगार अनुभव बन गया। मिशन हैप्पी हरदा का यह प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
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