अनोखा तीर, रहटगांव। क्षेत्र में बुधवार को भाईदूज का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया। इस दौरान बहनों ने भाई को तिलक लगाकर आरती उतारकर उनके मंगल की कामना की। मिठाई सहित अन्य व्यंजन खिलाए। भाइयों ने बहनों को उपहार दिया। बहनों ने भाइयों की दीर्घायु व सफलता की कामना की। इस दौरान एक दूसरे से मिलने जुड़ने के साथ दीपावली भाई दूज का शुभकामनाएं का भी दौर जारी रहा। जानकारी के मुताबिक पंडित नीरज महाराज ने बताया कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना ने अपने भाई यमराज को भोजन करने के लिए बुलाया तो यमराज मना न कर सके और बहन के घर चल पड़े। रास्ते में यमराज ने नरक में रहनेवाले जीवों को मुक्त कर दिया। भाई को देखते ही यमुना ने बहुत हर्षित हुई और भाई का स्वागत सत्कार किया। यमुना के प्रेम भरा भोजन ग्रहण करने के बाद प्रसन्न होकर यमराज ने बहन से कुछ मांगने को कहा। यमुना ने उनसे मांगा कि आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आएंगे और इस दिन जो भाई अपनी बहन से मिलेगा और बहन अपने भाई को टीका करके भोजन कराएगी उसे आपका डर न रहे। यमराज ने यमुना की बात मानते हुए तथास्तु कहा और यमलोक चले गए। तभी से यह मान्यता चली आ रही है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय को जो भाई अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं रहता।
भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भाईदूज का पर्व मनाया

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