अनोखा तीर, हरदा। प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी ने शनिवार को जिला जेल, हरदा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैरक में निरुद्ध सभी बंदियों से मुलाकात कर उनके प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त है या नहीं, चिकित्सक द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है या नहीं, परिवारजनों से मिलने दिया जा रहा है या नहीं, न्यायालय में पेशियां हो रही है या नहीं, बंदियों के रहन-सहन, खान-पान, साफ-सफाई आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिला जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक एवं पुरुष एवं महिला बैरकों का भी निरीक्षण कर बंदियों को प्राप्त होने वाली मूलभूत सुविधाएं यथा रसोई घर, पीने के पानी, बैरकों में साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, भोजन व्यवस्था इत्यादि का निरीक्षण किया गया तथा पाकशाला में निर्मित भोजन की गुणवत्ता की जांच भी की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, डिस्पेंसरी, लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि जेल में कुल 224 बंदी (25 दंडित, 199 विचाराधीन बंदी) निरुद्ध हैं, जिनमें से 217 पुरुष एवं 07 महिलाएं हैं, जबकि जेल में बंदियों हेतु क्षमता 130 बंदियों की है। जेल में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में प्रधान न्यायाधीश रघुवंशी ने बंदियों को जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक, टोल फ्री नंबर 15100, नि:शुल्क विधिक सहायता योजना के माध्यम से अधिवक्ता नियुक्ति, अपील प्रस्तुति, जमानत आवेदन प्रस्तुति आदि के संबंध में जानकारी दी। जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा सुरेश कुमार सूर्यवंशी ने बंदियों को उनके अधिकार, नि:शुल्क कानूनी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरदा लवकेश सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे, सुरक्षा प्रभारी जिला जेल हरदा माखन सिंह, जेल स्टाफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, पैरालीगल वालेंटियर उपस्थित रहे।
बंदी नि:शुल्क अधिवक्ता पाने के हकदार – प्रधान जिला न्यायाधीश

Text Size:
0 Views
What do you think?





