Skip to content
Sunday, 11 October 2026
हरदा

जंगल महकमे में प्रभार का खेला, चहेतों को किया जा रहा उपकृत-एसीएस की सिफारिश की गई अनदेखी

3 min read
Text Size:

गणेश पांडे, भोपाल। जंगल महकमे में प्रभार देने का कोई क्राइटेरिया नहीं बनाया गया है। ऐसे में प्रशासन-एक के मुखिया ने अपने चहेते आईएफएस देवांशु शेखर को प्रभार देने में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि सागर वर्किंग प्लान अफसर का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्हें सामाजिक वानिकी का प्रभार दे दिया ही दे दिया। जबकि कैडर में यह पद सीसीएफ स्तर के अधिकारी का है। वैसे जब रीवा में सामाजिक वानिकी वृत का अतिरिक्त प्रभार वन संरक्षक रीवा के राजेश कुमार राय को दिया है तो फिर सामाजिक वानिकी का प्रभार डीएफओ को क्यों दिया गया, यह शोध का विषय है। जबकि सागर में सीसीएफ कार्यरत है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक विवेक जैन ने बुधवार को जारी आदेश में 2011 बैच के डीएफओ वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार दिया है। सनद रहे कि 27 सितंबर को राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में देवांशु शेखर को उत्तर बैतूल डीएफओ से हटकर सागर वर्किंग प्लान ऑफिसर के पद पर पदस्थ किया है। देवांशु शेखर ने अभी तक वर्किंग प्लान ऑफिसर का पदभार भी ग्रहण नहीं किया है। अपने मूल पोस्टिंग का पदभार ग्रहण करने से पहले ही उन्हें पीसीसीएफ विवेक जैन ने एक आदेश जारी कर सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार देकर उपकृत कर दिया। विवेक जैन के इस आदेश को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है तो फिर 2009 बैच के प्रशांत कुमार सिंह, किरण बिसेन और अनुराग कुमार समेत अन्य पांच वर्किंग प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार क्यों नहीं दिया गया? जबकि भोपाल को छोड़कर सामाजिक वानिकी वृत के पद खाली है और वे सभी प्रभार में चल रहें हैं। शेखर पर विशेष कृपा के संबंध में चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि शहर के अलावा अन्य वृत प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी वृत का प्रभाव क्यों नहीं दिया गया? सागर वर्किंग प्लान अफसर डीएफओ देवांशु शेखर को पीसीसीएफ विवेक जैन ने किस फॉर्मूले के तहत उपकृत किया। क्या उनके बनाए फॉर्मूले में अन्य 5 वर्किंग प्लान अफसर फिट नहीं आ रहे हैं? जबकि डीएफओ शेखर के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है।एससीएस की सिफारिश को किया दरकिनारसूत्रों ने बताया कि अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव को एक नोटशीट लिखी है। इसके अनुसार सिवनी वन वृत के मुख्य वन संरक्षक एसएस उद्दे से सामाजिक वानिकी का प्रभार लेकर जबलपुर वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके वन संरक्षक रमेश विश्वकर्मा को सौंप दिया जाए। वैसे भी वन संरक्षक विश्वकर्मा को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है। एसीएस की सिफारिश में यह भी उल्लेख है कि सामाजिक वानिकी रीवा वृत्त वहां के वन संरक्षक राजेश राय और सामाजिक वानिकी सागर वृत्त का प्रभार मुख्य वन संरक्षक सागर अनिल कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दे दिया जाए। यह बात अलग है कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव इस बात से इनकार किया है कि सामाजिक वानिकी का आर्थिक प्रभार देने संबंधित एसीएस की कोई नोटशीट उनके पास आई है। प्रभार देने से वर्किंग प्लान में होगी देरीएक पीसीसीएफ अधिकारी का कहना है कि वर्किंग प्लान ऑफिसर को आर्थिक प्रभार दिए जाने से कार्यायोजना बनाने में देरी होगी, क्योंकि अतिरिक्त प्रभार वाला पद अफसरों के लिए लाभप्रद होता है। वे ज्यादातर समय वर्किंग प्लान पर नहीं देकर शुभ-लाभ को ध्यान में रखते हुए काम करते है। जबकि वर्किंग प्लान बनाने का कार्य गंभीरता और बारीकी से किया जाता है।

425 Views
What do you think?

Leave a Reply