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Friday, 30 October 2026
मध्य प्रदेश

समग्र विकास की ओर बैगा व उनकी बस्तियों में बढ़ते कदम दस्तावेज बनने के साथ ही योजनाओं की घरों तक हुई पहुँच

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शेष बचें लाभान्वितों को लाभ दिलाने में प्रशासन की गति हुई तेज

बालाघाट:-केंद्र और राज्य शासन मिलकर प्रदेश के आदिवासियों के समग्र विकास के लिए प्रयासरत है। 15 नवम्बर 23 से प्रारम्भ हुए प्रयासों से आज विश्व आदिवासी के दिन तक जिले में बैगा जनजाति के लोगों की जिंदगी में बदलाव नजर आने लगे है। ये बदलाव उनके दस्तावेज बनाने से लेकर आवास, बिजली, सड़क,राशन,वनाधिकार पट्टे आदि में हो रहें है। दरअसल केंद्र शासन ने 15 नवम्बेर 23 से ऐसे आदिवासी समुदाय जो अत्यंत कमजोर स्थिति में है। उन समूहों का चुनाव पीवीटीजी (पर्टिकुलर वनरेबल ट्राइब ग्रुप) के रूप में किया गया। इसी दिन से प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याटय अभियान में 9 मंत्रालयों के माध्यसम से 11 गतिविधियों पर कार्य प्रारंभ हुआ था। बालाघाट में ऐसा समूह बैगा जनजाति के 260 गांव 7357 परिवारों में 31033 सदस्य, चिन्हित हुए, जिनके समग्र विकास के लिए जनवरी के द्वितीय सप्ताह से 14 विभागों ने प्रयास शुरू किए थे। आज उनके प्रयासों से बैगा जनजातियों के जीवन व उनकी बस्तियों में भी बदलाव आ रहा ह

   अब यहां तक पहुँचे, आधार 97, जनधन 99, आयुष्मान 85, जाति प्रमाण पत्र

                                              97 औरराशन कार्ड 99 प्रतिशत बनें

जनवरी 24 के बाद से शासन की योजनाओं का लाभ देने में समस्या दस्तावेजों की कमी कारण बनी। इसके लिए दस्तावेजों पर युद्ध स्तर पर कार्य प्रारम्भ हुआ। इसमें आधार 31033 में से आदिवासी दिवस तक  30180 आधार बनाये जा चुके है। आयुष्मान कार्ड 19048 में से 16196, जाति प्रमाण पत्र 31033 में से 30257, राशन कार्ड (पात्रता पर्ची) 7357 में से 7319 और केसीसी 733 में से 733 पूर्ण हुए है।

                                   117 गांवो के 837 घरों में पहुँची बिजली तो 618 आवास हुए पूरे

दस्तावेज बनने के साथ साथ शासकीय योजनाओं के लाभ देने की प्रकिया भी सतत चल रही है। इस प्रक्रिया में अब तक 140 गांवो के 837 घरों में बिजली कनेक्शन प्रदान किये जा चुके है। इसी तरह 618 आवास पूर्ण हो चुके है। वहीं 3000 घरों में नल जल योजना से पानी पहुँचा है। बैगा बस्तियों में सड़क निर्माण की बात करें तो पीएम ग्रामीण सड़क योजना में 6 सड़के बनाई जा चुकी है। साथ ही बैगा बस्तियों में नेटवर्क पहुचाने की दिशा में भी कार्य किये गए है। यहां 14 मोबाईल टॉवर स्थापित किये जा चुके है।

 अब आगे क्या

प्रशासन अब इस प्रयास में है कि शेष बचें बैगा नागरिकों के दस्तावेजों का कार्य पूर्ण कर। पात्रता के अनुसार लाभ दिए जाएं। शेष बचें कार्य को पूर्ण करने के लिए  पीएम आवास के लिए सर्वे प्रारम्भ किया गया है। आधार व आयुष्मान के लिए शिविर प्रारम्भ है। अब आधार कार्ड 853 बनाने है, जन धन 57,आयुष्मान कार्ड 2852,जाति प्रमाण पत्र 776, पीएम सम्मान निधि 7 राशन कार्ड 38 बनाने के लिए प्रगतिशील है। जबकि 5 सड़कें जो कार्य प्रारम्भ है। साथ ही 72.30 किमी. की 19 सड़को की डीपीआर तैयार है।  17 मोबाईल टॉवर उन्नति की ओर है। 9 मल्टीपर्पस सेंटर पर कार्य होगा। 3099 आवासों को स्वी्कृति मिली हैं। इसे पूर्ण करने के लिए कार्य जारी है।

    मुरेन्डा में शत प्रतिशत वनाधिकार पट्टे और बिजली मिली तो जमुनिया में आवास युक्त गांव

बैहर जनपद में बैगा बस्ती मुरेन्डा में पंचायत धीरी के सरपंच अमरसिंह धुर्वे ने बताया कि यहां के 114 परिवारों को वनाधिकार पट्टे प्रदान किये गए। साथ ही पूरे गांव में बिजली कनेक्शन प्रदान किये गए है। लाइन मेन रामप्रसाद मरकाम ने बताया कि यहां पोल लगाकर 7 घरों में कनेक्शन प्रदान कर दिए है। अब यहां सभी घरों में बिजली उपलब्ध हो गई है। इसी तरह जमुनिया गांव में सभी पात्र बैगाओं को आवास प्रदान किये जा चुके है। यहां 40 आवास बनाय

       भण्डेरी नल जल योजना

बैहर विकासखण्ड के ग्राम भण्डेरी में 83.70 लाख रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल जल योजना स्वीकृत की गई थी। इस गांव मव 300 कनेक्शन है। इसमें से 59 बैगा जनजाति के नागरिकों को पेयजल प्राप्त हो रहा है। योजना में 50 के.एल. की उच्च स्तरीय टंकी व 20 के.एल. का सम्पवेल, 8119 मीटर पाईप लाईन एवं 348 घरेलू नल कनेक्शन स्थापित कर संपूर्ण ग्राम में जल प्रदाय किया जा रहा है।

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