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Tuesday, 20 October 2026
धर्म हरदा

नागपंचमी पर अनेक संयोगों के बीच होगी नागपूजा

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अनोखा तीर, हरदा। इस बार पुरुषोत्तम मास में 21 अगस्त सोमवार को भगवान शिवशंकर व उनके प्रिय नागदेवता की पूजा का पर्व आ रहा है। यह नागपंचमी पुरुषोत्तम मास में अत्यंत दुर्लभ शुक्ल योग सहित अन्य योगों में आ रही है। ज्योतिषीय मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास बुधादित्य शुक्ल योग में नागपंचमी के पूजन से जन्म-कुंडली में कालसर्प दोष का निवारण होता है। इस योग को भगवान भोलेनाथ का अतिप्रिय योग माना जाता है। इसलिए शिवभक्त इस बार नागपंचमी पर भोलेनाथ को प्रसन्न करने विशेष अनुष्ठान करेंगे। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इन शुभ योगों में नागपंचमी आने से सभी व राशियों पर शुभप्रभाव पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए तो यह अत्यंत शुभफलदायी होगा।

सोमवार का संगम

नागपंचमी पर इस बार कई विशेष योग और नक्षत्र लग रहे हैं। नागपंचमी में इस बार बुधादित्य योग, शुक्ल योग और चित्रा नक्षत्र लग रहा है। मुद्रा योग व शुभ योग के साथ इस साल अभिजीत मुहूर्त भी है शिवजी को प्रिय सोमवार का दिन भी है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में कालसर्प दोष है। उनको इस बार नागपंचमी में पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नागपंचमी के दिन ग्रहों में शुक्र का बाल्यत्व समाप्त होगा और बुध वक्री होंगे। इस दिन कुल तथा लोक परंपरा के अनुसार नाग देवता के पूजन की मान्यता है।

4 दशक बाद बुधादित्य योग

21 अगस्त को सूर्य व बुध सिंह राशि में रहेंगे। सिंह राशि के अधिपति स्वयं सूर्य है और वो बुध के मित्र हैं। सूर्य व बुध की युति जब साथ में रहती है तो बुधादित्य योग का निर्माण करती है। नागपंचमी पर 40 वर्ष बाद बुधादित्य योग पड़ेगा बुधादित्य योग में आने वाला पर्व अथवा त्योहार विशेष इसलिए भी हो जाता है कि कर्म की साक्षी के प्रधान देवता व प्रकट देवता भगवान सूर्यनारायण है।

इन राशियों को विशेष शुभ

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन सयोगों से मेष राशि वालों को विशेष धन लाभ हो सकता है। नौकरी में तरक्की हो सकती है। वृश्चिक राशि को व्यापार में बहुप्रतीक्षित लाभ हो सकता है। उस दिन कोई बड़ी डील हो सकती है। धनु राशि के लिए यह दिन काफी शुभ हो सकता है। घर में कोई खुशखबरी आ सकती है। मकर राशि वालों का लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा होगा। इस दिन जो काम शुरू करेंगे वो सफल होगा।

पूजन का शुभमुहूर्त

नागपंचमी अर्थात श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि 21 अगस्त को रात 12.21 बजे शुरू होगी और इसका समापन 22 अगस्त को रात 2 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 21 अगस्त को मनाया जाएगा। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5.53 बजे से सुबह 8.30 बजे तक रहेगा।

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