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Sunday, 11 October 2026
हरदा

कैबिनेट की हरी झंडी .. 15 से 30 जून तक जिले में स्थानांतरण बहाल

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अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश शासन की बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण आगामी 30 जून तक जिले के अंदर स्थानांतरण पर लगी रोक को शिथिल कर दिया है। वहीं ग्राम सरकार यानि पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अतिरिक्त शक्ति, ९ हजार छात्र-छात्राओं को स्कूटी, एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिये आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रूपये कर दी है। इन सबके अलावा कैबिनेट बैठक में पीएचई के मैदानी अमले को भी आर्थिक राहत प्रदान की है। इन विषयों पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद जिला स्तर पर जहां स्थानांतरण किए जा सकेंगे। साथ ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो को अपेक्षाकृत रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के शासकीय विभागों में अब जिला केडर पर स्थानांतरण 15 दिवस के लिए हो सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में जिले में 15 से 30 जून तक स्थानांतरण करने हरी झंडी दे दी है। इधर, कैबिनेट के अन्य निर्णयों में हायर सेकंडरी स्कूलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान करने का फैसला लिया है। इसके तहत करीब 9 हजार विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने सहमति जताई है। कैबिनेट बैठक में यह निर्णय भी लिया कि पंचायतें 25 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगी। अभी तक यह कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्यम से कराया जाता था। लेकिन अब इतनी राशि तक के कार्य पंचायत के प्रमुख लोगों की निगरानी में होगा।

ग्राम विकास की दिशा में कदम

पंचायतों को आर्थिक शक्तियां देने के साथ – साथ पंचायत अंतर्गत 2-2 नए विकास कार्य कराए जाने की स्वतंत्रता प्रदान करने का निर्णय लिया। वहीं पंचायतों के अधूरे कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाना शामिल है। सरकार का ये फैसला ग्राम विकास की दिशा में कारगर कदम बताया जा रहा है।

मैदानी अमले का मानदेय बढ़ाया

इन सबके अलावा कैबिनेट की बैठक में पीएचई के मैदानी अमले को आर्थिक राहत प्रदान की है। जानकारी के अनुसार हैंडपंप मैकेनिकों को पहले प्रति हैंडपंप 75 रुपये मानदेय मिलता था। जिस पर 25 रूपये का इजाफा कर अब 100 रूपये कर दिया है। इसके लिए अधिकतम सीमा 120 हैंडपंप रहेगी।

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