Skip to content
Wednesday, 28 October 2026
हरदा

पीएचई की लापरवाही से जिले के 167 ग्रामों में पेयजल संकट

2 min read
Text Size:

अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न गांवों में पेयजल के कार्य होते थे। इस कार्य हेतु शासन द्वारा 28 दिसंबर 2022 को 100 ग्रामों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी तथा लगभग 67 गांव की स्वीकृति जनवरी माह में शासन ने प्रदान की थी ताकि कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष ललित पटेल ने बताया कि मैंने अनेकों ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ जाकर लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग को मौखिक रूप से ग्रामीणों की पेयजल समस्या के लिए अवगत कराया गया था, कार्यपालन यंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया था कि फरवरी माह में 167 ग्रामों में कार्य शुरू किए जाएंगे। तत्पश्चात दो माह निकलने के बाद भी कार्य प्रारंभ ना होने की स्थिति में हम पुन: पीएचई विभाग गए। कई बार विभाग जाने पर भी कार्यपालन यंत्री उपलब्ध नहीं मिले। दूरभाष पर चर्चा होने पर एक माह में कार्य को प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया।  ग्रीष्म ऋतु में विभिन्न ग्रामों में लाखों लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शासन की स्वीकृति के 6 माह पश्चात भी कार्य प्रारंभ होने की स्थिति में नहीं है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता एवं लापरवाही के चलते जनता भीषण गर्मी में पेयजल के लिए जूझ रही है। आगामी माह में वर्षा ऋतु प्रारंभ होने की स्थिति में है। लगभग 4 माह तक कार्य होना संभव नहीं हो पाएगा। संभवत बारिश के पश्चात आदर्श आचार संहिता लगना भी संभावित है। कार्यपालन यंत्री की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना विफल होती प्रतीत हो रही है। लगभग 170 ग्रामों के रहवासियों को विभाग की लापरवाही के कारण खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उक्त ग्रामों में अधिकांश ग्राम आदिवासी ग्राम है जो बहुत गरीब परिस्थिति के हैं, जो दूरदराज क्षेत्रों से पानी की व्यवस्था कर रहे है। सरपंच संघ के अध्यक्ष ललित पटेल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कार्यपालन यंत्री पर सख्त कारवाही करने की मांग की है, जिससे इस प्रकार की लापरवाही की पुर्नावृत्ति भविष्य में न हो सके।

194 Views
What do you think?

Leave a Reply