-स्वामित्व योजना की रफ्तार पर तकनीकी ग्रहण
-पटवारी भी दोहरी मार से परेशान, कम रजिस्ट्रियों पर अधिकारियों की नाराजगी
अनोखा तीर, हरदा। रबी की बुवाई के लिए जहां किसान खेत तैयार करने में जुटे हैं, वहीं स्वामित्व योजना के तहत भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए ग्रामीणों को दिनभर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। भू-अभिलेख पोर्टल का सर्वर धीमी गति से चलने और बार-बार बाधित होने के कारण रजिस्ट्री का काम प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि पटवारी के पास ग्रामीणों की भीड़ तो जुट रही है, लेकिन सर्वर की सुस्ती के चलते रजिस्ट्रियां पूरी नहीं हो पा रही हैं।
एक रजिस्ट्री के लिए तीन लोगों की मशक्कत
रजिस्ट्री की प्रक्रिया भूमि स्वामी के साथ गवाहों के लिए भी परेशानी का सबब बन गई है। भूमि स्वामी को अपने साथ दो गवाह लाने पड़ते हैं। सर्वर की समस्या के कारण इन तीनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। दिनभर समय देने के बावजूद काम नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ रही है।
सर्वर की सुस्ती, पटवारियों पर अधिकारियों का दबाव
नाम न छापने की शर्त पर रजिस्ट्री कार्य में संलग्न एक पटवारी ने बताया कि सर्वर की समस्या के कारण दिनभर ग्रामीणों की कतार लगी रहती है, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो पाती। दूसरी ओर, रजिस्ट्रियों की संख्या कम होने पर वरिष्ठ अधिकारी नाराजगी जताते हैं। ऐसे में तकनीकी खामी का खामियाजा ग्रामीणों के साथ पटवारियों को भी भुगतना पड़ रहा है।
एक भूखंड पर कई नाम, तो बढ़ जाती है परेशानी
जिन भूखंडों पर एक से अधिक लोगों के नाम दर्ज हैं, उनकी रजिस्ट्री कराना और भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे मामलों में सभी संबंधित भू-स्वामियों को एक साथ उपस्थित होना पड़ता है। इसके बाद सर्वर की धीमी गति के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है। नतीजतन, एक रजिस्ट्री पूरी कराने में ही लोगों का पूरा दिन निकल जाता है।
तकनीकी खामी दूर करने की जरूरत
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अभिलेख उपलब्ध कराना है, लेकिन सर्वर की समस्या के चलते यही प्रक्रिया ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। जरूरत है कि भू-अभिलेख पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर रजिस्ट्री प्रक्रिया सुचारु बनाई जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पटवारियों पर भी अनावश्यक दबाव न बने।




