अनोखा तीर, हरदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई एवं राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार हेमंत टाले मंगलवार को किसानों के साथ कृषि विभाग पहुंचे। उन्होंने विभाग से ई-विकास टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से दिखाने की मांग की और उप संचालक से सुबह 10 बजे कृषि विभाग कार्यालय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया। जिले में डीएपी एवं यूरिया खाद के लिए किसान विगत चार माह से परेशान हो रहे हैं। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से खरीफ की मक्का फसल के उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है। वर्तमान में किसानों के खेत विगत 15 दिन से फसल बुवाई के लिए तैयार हैं। किसानों को मक्का एवं चने की बोनी तत्काल करना है, लेकिन डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। अधिकांश किसान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं, जो लघु एवं सीमांत किसान हैं। उनमें भी अधिकांश के पास जमीन तो वर्षों से है, लेकिन पट्टे आज तक नहीं मिले हैं। वे भी खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ई-विकास टोकन प्रणाली का पोर्टल सही तरीके से चल नहीं रहा है। जिला प्रशासन के दावे फेल साबित हो रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि विगत 15 दिनों में तीन बार डीएपी खाद हरदा आया है तो वह कहां गया? रिटेलर को जो खाद दिया जा रहा है या अन्य सहकारी समितियों व शासकीय गोदामों में जो खाद भेजा गया, उसका स्टॉक शो क्यों नहीं किया गया? कांग्रेस ने मांग की कि जिला प्रशासन तत्काल यह सारी जानकारी उपलब्ध कराए।
पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसानों को नुकसान, सौंपा ज्ञापन

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