अनोखा तीर, हरदा। जिला जेल हरदा में बंदियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राजयोग शिविर के पांचवें दिन बीके राजेश ने कर्मों की गुह्य गति को स्पष्ट करते हुए कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। इसलिए जीवन में सदैव श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। हमारे विचार, वाणी और व्यवहार का प्रभाव न केवल हमारे जीवन पर, बल्कि दूसरों के जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजयोग के अभ्यास से मनुष्य अपने विचारों को सकारात्मक बना सकता है और क्रोध, तनाव, नकारात्मकता जैसी कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर सकता है। अपनी गलतियों को पहचानकर उनमें सुधार करना तथा भविष्य में अच्छे कर्म करने का संकल्प लेना ही जीवन परिवर्तन की सच्ची शुरुआत है। बीके राजेश ने बंदियों को प्रेरित किया कि वे अतीत की गलतियों से सीख लेकर वर्तमान को श्रेष्ठ बनाएं और सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन में नई शुरुआत करें। राजयोग के नियमित अभ्यास से मन में शांति, आत्मविश्वास और आत्मबल बढ़ता है, जिससे व्यक्ति स्वयं में परिवर्तन लाकर समाज के लिए भी उपयोगी बन सकता है। कार्यक्रम में बीके किरण ने सभी बंदियों को व्यसनमुक्त, क्रोधमुक्त और अपराधमुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा कराई। सभी ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे यहां से बाहर जाकर एक नया और ईमानदारी का जीवन जिएंगे। इस अवसर पर जिला जेल प्रभारी ने कहा कि 5 दिनों में बंदियों के चेहरे पर जो शांति और परिवर्तन आया है वह अद्भुत है। उन्होंने ब्रह्मकुमारी संस्था का आभार व्यक्त किया।
कर्मों की गहन गति को समझकर श्रेष्ठ कर्म करें







