कांग्रेस ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने सौंपा ज्ञापन

अनोखा तीर, हरदा। जिला कांग्रेस ने किसानों को डीएपी एवं यूरिया खाद उपलब्ध कराने तथा अन्य प्रमुख मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई ने बताया कि विगत चार माह से समय पर उपलब्ध मात्रा में खाद नहीं मिलने से मक्का का उत्पादन घटा है। किसानों की एक ही मांग है कि डीएपी खाद एवं यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में सुविधा से उपलब्ध कराई जाए लेकिन आज दिनांक तक किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाई है जिससे मक्का फसल के उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है, किसानों की लागत भी नहीं निकली है। जिन किसानों ने अभी मक्का फसल निकाली है वह मात्र 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ निकल रही है। वर्तमान में किसानों की सोयाबीन और मक्का की फसल की कटाई लगभग 70 प्रतिशत हो चुकी है, 40 प्रतिशत किसानों के खेत तैयार हो चुके हैं। किसानों को चने एवं मक्का की बोनी करनी है लेकिन किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। साइट बिल्कुल नहीं चल रही है, विगत 15 दिन से ई-टोकन जनरेट नहीं हो रहे हैं। बार-बार निवेदन करने के बाद भी जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इस वर्ष कम बारिश हुई है, सूखे जैसे हालात हैं, जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाये एवं जिले में खाद की आपूर्ति की जाए।  किसान डीएपी खाद की मांग इसलिए कर रहा है क्योंकि एनपीके खाद जिसे 12:32:16 कहते हैं वो किसानों को बहुत महंगी पड़ रही है। दो माह पहले एनपीके खाद का मूल्य 1450 रुपए प्रति बोरी 50 किलो से बढ़ाकर 2400 रुपए प्रति बोरी 50 किलो कर दिया गया है। 50 किलो पर एक हजार रुपए बढ़ाए हैं। इसी तरह 20:20:00:13 एसएसपी का मूल्य दो माह पहले 1300 रुपए प्रति बोरी 50 किलो था उसे बढ़ाकर 2150 कर दिया गया है। किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और डीएपी जो सबसे अच्छी खाद रहती है उत्पादन के लिए उसकी कीमत प्रति बोरी 50 किलो की 1350 रुपए है। इसलिए किसानों को जब सही खाद कम दाम पर मिलेगी तो महंगी क्यों खरीदेगा।
इन मांगों को लेकर ज्ञापन दिया
जिले में तत्काल डीएपी खाद एवं यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में सुविधा से उपलब्ध कराई जाए।
-ई-टोकन प्रणाली बंद की जाए।
-हरदा जिले में विगत चार माह में कितनी डीएपी खाद एवं यूरिया खाद आई थी और किन-किन दुकानों पर दी गई, उन दुकानदारों ने किन-किन किसानों को कितनी खाद बेची है, डीएमओ गोदाम से, मार्केटिंग सोसायटी से, एमपी एग्रो से किन-किन किसानों को खाद दिया गया ये भी सार्वजनिक किया जाए। जिन लोगों ने कालाबाजारी की है उनके लाइसेंस सस्पेंड किए जाएं।
-हरदा जिले में इस वर्ष बहुत ही कम बारिश हुई है, जिले को सूखा घोषित किया जाए।
-बिजली कंपनी के द्वारा ग्रामीण अंचलों में भारी बिजली कटौती की जा रही है एवं वसूली के नाम पर बिजली काटी जा रही है, बिजली काटना बंद किया जाए।
-कम बारिश की वजह से जिला सूखा है, आगामी रबी की फसल की बुआई के लिए किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि बारिश में समय पर खाद नहीं मिलने से उत्पादन कम हुआ है। किसानों को आगामी खेती भी करनी है, इस स्थिति में बैंक वसूली, बिजली वसूली मई माह तक रोकी जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि ई-टोकन प्रणाली में सुधार कर दिया है, 1300 मेट्रिक टन डीएपी की रैक लग चुकी है। कल सभी रिटेलर एवं डीएमओ गोदाम से पोर्टल पर चढ़ाने के बाद वितरण शुरू किया जाएगा। जिन विक्रेताओं को खाद दिया जाएगा उसकी प्रेस विज्ञप्ति जिला प्रशासन द्वारा भी जारी की जाएगी। दूसरी रैक भी जल्द आने का हवाला कृषि विभाग द्वारा कहा गया है। ज्ञापन सौंपते समय पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हेमंत टाले, विधायक आरके दोगने, अमर रोचलानी व संजय जैन उपस्थित रहे।

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