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Friday, 16 October 2026
नर्मदापुरम

800 क्विंटल सरकारी गेहूं गायब, कोठरा के पंचमुखी वेयरहाउस में बड़ा घोटाला

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– एसडीएम ने दिए एफआईआर के आदेश, गिनती में कम मिली 1600 बोरी
अनोखा तीर, सिवनी मालवा। शिवपुर तहसील अंतर्गत ग्राम कोठरा स्थित पंचमुखी वेयरहाउस में रबी उपार्जन 2025-26 का करीब 800 क्विंटल (लगभग 1600 बोरी) सरकारी गेहूं गायब मिलने से हड़कंप मच गया है। रबी खरीदी कंेद्र शुरू होने से पहले निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम विजय राय ने स्टॉक में गड़बड़ी का संदेह होते ही वेयरहाउस को तत्काल सील करवा दिया। तीन दिन बाद, सल्फास का असर खत्म होने पर वेयरहाउस दोबारा खोला गया और भौतिक सत्यापन में 1600 बोरी गेहूं कम पाया गया। एसडीएम ने संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं। एसडीएम विजय राय के अनुसार, रबी उपार्जन को लेकर कोठरा क्षेत्र के पंचमुखी वेयरहाउस का भौतिक सत्यापन किया गया गिनती में 1600 बोरी कम मिलीं, जो पूर्व सीजन 2025-26 का स्टॉक था। संचालक से पूछताछ में उसने अनभिज्ञता जताई, जिसके बाद प्राथमिकी के निर्देश दिए गए।
जांच के घेरे में व्यवस्था, उठे बड़े सवाल
वेयरहाउस की चाबी संचालक के पास कैसे पहुंची और उसकी कस्टडी चेन क्या थी?
– क्या वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन/विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा ‘खेलÓ संभव है?
– 800 क्विंटल गेहूं एक साथ निकाला गया या लंबे समय तक धीरे-धीरे बाहर किया गया?
– स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक का समय-समय पर मिलान क्यों नहीं हुआ? क्या कागजों में हेरफेर कर स्टॉक पूरा दिखाया गया?
– सुरक्षा इंतजाम सीसीटीवी, गार्ड, गेट पास/लॉगबुक-क्या थे और अगर थे तो नाकाम क्यों रहे?
-परिवहन में ट्रांसपोर्टरों/ठेकेदारों की भूमिका रही या नहीं?
– इस वेयरहाउस में कब से सरकारी अनाज रखा जा रहा था और क्या पहले कभी गंभीर ऑडिट हुआ?
– क्या अन्य वेयरहाउसों में भी ऐसी गड़बड़ी की आशंका है? क्षेत्र में सरकारी अनाज रखने वाले कुल वेयरहाउस कितने हैं?
– क्या अब जिले-भर में सभी वेयरहाउसों की व्यापक जांच होगी?
– जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होगी। सिर्फ संचालक या संबंधित अधिकारी भी दायरे में आएंगे?
– सरकारी नुकसान की भरपाई कैसे होगी और दोषियों से रिकवरी होगी या नहीं?
– जांच की समयसीमा क्या तय की गई है और रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक होगी?
आगे क्या…
प्रशासन ने वेयरहाउस सील कर एफआईआर के निर्देश दे दिए हैं। अब पुलिस व संबंधित विभागों को स्टॉक रजिस्टर, गेट पास, परिवहन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध) और चाबी की जांच करनी है। साथ ही जिले के अन्य वेयरहाउसों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग तेज हो गई है, ताकि समान प्रकृति की गड़बड़ियों को समय रहते पकड़ा जा सके और दोषियों से नुकसान की वसूली सुनिश्चित हो।

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