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Friday, 16 October 2026
हरदा

ग़मों का सिलसिला है और मैं हूँ, निगहबां बस ख़ुदा है और मैं हूँ…

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अनोखा तीर, हरदा। यह गजल मशहूर शायर जयकृष्ण चांडक ने मध्य प्रदेश लेखक संघ जिला इकाई हरदा द्वारा आयोजित साहित्य गोष्ठी में पढ़ी, तो हर शेर पर सभा तालियों की गड़गड़ाहट और वाह-वाह से देर तक गूँजती रही। गोष्ठी प्रख्यात पर्यावरणविद गौरीशंकर मुकाती के मुख्य आतिथ्य, सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. प्रभुशंकर शुक्ल के विशिष्ट आतिथ्य, वरिष्ठ कवि एवं संगीतज्ञ मदन व्यास के सारश्वत आतिथ्य एवं समाजसेवी नार्मदीय रत्न अशोक नेगी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
गोष्ठी में हरदा के एडवोकेट डॉ. शिरीष अग्रवाल की अनुपस्थिति में उनके पिता श्रीकांत अग्रवाल को सम्मानित किया गया।  जिला इकाई हरदा के अध्यक्ष सुभाष सिटोके द्वारा गोष्ठी में उपस्थित सभी व्यक्तियों को उत्तरीय, लेखन पुस्तिका व लेखनी भेंट कर सांस्कृतिक स्वरूप से सम्मानित किया गया तथा सुमधुर सरस्वती वंदना भी प्रस्तुत की गई। तदोपरांत साहित्यकार सर्वश्री बालमुकुंद ओझा, नरेंद्र वर्मा, रतन सिंह सोलंकी, रमेश भद्रावले, जयकृष्ण चांडक, राजेश गौर, विवेक माणिक, अतहर जौहर, सावन सिटोके, मदन व्यास, गोविंदराम हाशाणी, जी.आर. गौर, त्रिलोक शर्मा, सुभाष सिटोके द्वारा भी अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से गोष्ठी के आनंद को दोगुना किया। मंचासीन अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन के बाद सभी ने स्वल्पाहार किया। अंत में पूर्व अध्यक्ष जीआर गौर द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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