Skip to content
Saturday, 17 October 2026
हरदा

नशे के शिकंजे में कसता जा रहा युवा वर्ग

2 min read
Text Size:

 

अनोखा तीर, खंडवा। जिलेभर में युवा पीढ़ी का अधिकांश प्रतिशत हिस्सा नशे का आदि हो चुका है। जिसके चलते अब छोटे बच्चे भी बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि नशीली चीजों की लत सीख रहे हैं। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि एक सिगरेट का सेवन करने से जिंदगी के पांच मिनट कम हो जाते है। बावजूद इसके युवाओं द्वारा मौत का कारण बनने वाले इन नशीले पदार्थों का सेवन जमकर किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में युवा पीढ़ी पूर्णत: नशे की आदि हो जाएगी। मार्केट में नए-नए फ्लेवर में बिकने वाली सिगरेट का युवा वर्ग बड़ी संख्या में इस्तेमाल कर रहे हैं। सिगरेट पीना मानो फैशन सा हो चला है। शहर सहित ग्रामों भी अब सिगरेट, बीड़ी, शराब का सेवन करना एक फैशन सा बन चुका है। जिसके चलते इन दिनों युवा पीढ़ी का 10 में से 7 व्यक्ति स्मोकिंग करने वाले पाए जाते हैं। इस तरह के नशीले पदार्थों का सेवन करने से कई प्रकार की बीमारियाँ होना लगभग तय रहता है। उल्लेखनीय है कि बीड़ी एवं सिगरेट के बाक्सों पर साफ-साफ लिखा होता है कि यह सेहत के लिए हानिकारक है। बावजूद इसके आम लोगों द्वारा बेखौफ होकर स्मोकिंग एवं हेवी स्मोकिंग की जाती है।

सार्वजनिक स्थानों पर कर रहे स्मोकिंग

ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध किया गया है। इसके बावजूद भी स्मोकर्स द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर बेखौफ होकर धूम्रपान किया जाता है। वैसे तो शासन द्वारा धूम्रपान निषेध क्षेत्रों में धूम्रपान करने पर 200 का जुर्माना तय किया गया है। मगर विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे स्मोकर्स के हौसलें बुलंद है। जिले में कई ग्राम तो ऐसे भी जहां पर सार्वजनिक प्रतिक्षालयों पर भी शराबियों, गंजेडिुयों जैसे असमाजिक तत्वों द्वारा अपना अड्डा बना लिया गया है और यहां जमकर नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। इस ओर भी विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। डाक्टरो कहना है कि तम्बाकू के सेवन से फेफड़े का कैंसर उत्पन्न होता है एवं बर्जर्स सिंड्रोम जैसी खतरनाक बीमारी भी होने की आशंका रहती है। खांसी आना, सीने में दर्द, सांस उखड़ना आदि इसके लक्षण है। स्मोकिंग अस्थमा जैसी बीमारी को आमत्रंण देती है। साथ ही साथ सेकण्ड हैंड स्मोकिंग से तो अस्थमा का अटैक की भी संभावना रहती है। वहीं हेवी स्मोकर्सों के लिए तो यह बीमारी होना लगभग तय ही रहता है।

133 Views
What do you think?

Leave a Reply