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Saturday, 10 October 2026
हरदा

गांवों में झोलाछापों का धंधा चोखा

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अनोखा तीर, हरदा। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग की तमाम बंदिशों के बावजूद गांवों में झोलाछापों का जमकर बोलवाला है। यहां बिना चिकित्सा डिग्री वाले कई झोलाछाप चिकित्सक घरोंघर जाकर बीमारों का बेखटके इलाज कर रहे हैं। इसमें कई बार तो पैंशेंट्स की जान पर भी बन आती है। मगर इन फर्जी चिकित्सकों का जलवा कुछ ऐसा है कि उनका बाल-बांका भी नहीं होता। हरदा जिला ही नहीं आसपास के भी जिलों में यही हाल है। यहां के हरेक छोटे-बड़े गावों में ऐसे चिकित्सकों के क्लीनिक बकायदा साइनबोर्ड लगाकर धड़ल्ले से चलते दिखाई देंगे। इसमें हैरानी की बात यह है कि इन्हीं गांवों में जिला और तहसील प्रशासन द्वारा जनसुनवाई कैंप और ग्राम चौपाल जैसे आयोजन किए जाते हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी शिविर लगाकर लोगों का इलाज किया जाता है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को यहां चल रहे ऐसे अमान्य चिकित्सा क्लीनिकों की जानकारी न हो, भला कैसे मुमकिन हो सकता है। ज्ञात हो कि हाल के ही वर्षों में यहां गैर-तकनीकी ढंग से मरीज को गलत ढंग से इंजेक्शन लगने के कारण कुछेक मौत भी हो चुकी हैं। मगर जिले के इन बड़े गांवों में आज भी इनके क्लीनिकों पर जरा भी आंच नहीं आई और इनके क्लीनिक अभी भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। क्षेत्र से मिल रही जानकारी के अनुसार सिराली, रहटगांव, हंडिया, मोरगढ़ी आदि में इनका काम धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि मोरगढ़ी में एक चिकित्सा केंद्र की कई शिकायतें हो चुकी हैं। यहां इनके द्वारा एक मेडिकल स्टोर भी चलाए जाने के आरोप हैं। इनकी पूर्व में जांच भी हो चुकी है। इसी प्रकार रहटगांव और अन्य स्थानों पर चल रहे क्लीनिक में बाकायदा बोतल चढ़ाकर मरीज का इलाज होता है। मगर इस ओर कोई भी सक्षम अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गांव-गांव हो रहा बिना चिकित्सा डिग्री के इलाज

इन दिनों हरदा जिला मुख्यालय सहित गांवों में बगैर डिग्री वाले डाक्टर गरीब, अशिक्षित लोगों का इलाज कर व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस बारे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। बस कभी-कभार इनके इलाज से कोई अप्रिय घटना हो जाए तो ताबड़तोड़ कार्यवाही कर एकाध बगैर डिग्री धारी डाक्टर पर कार्यवाही हो जाती है। इसके कुछ समय उपरांत वह फिर जानलेवा दुकान खोल कर बैठ जाते हैं। यदि विभाग ध्यान दे तो इन तहसील मुख्यालयों पर बाकायदा नर्सिंग होम टाइप पलंग लगाकर बाटल इंजेक्शन और कई जगह तो आपरेशन भी करते देखे जा सकते हैं।

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