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Thursday, 22 October 2026
खंडवा

केसून के जंगल में पेड़ों को काट अतिक्रमण करने वाले गिरफ्तार

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खंडवा। बेशकीमती सागवान के जंगल में विश्व की धरोहर बना हुआ निमाड़ अब उजाड़ बनता जा रहा है। स्वार्थ की राजनीति और भूख की ललक ने हरे-भरे जंगलों का पर्यावरण संतुलन बिगाड़ दिया है। हाल ही में मध्यप्रदेश वन विकास निगम ने जो जंगल लगाए थे। उसमें से अधिकतर वन माफियाओं ने काट डाले। संभागीय प्रबंधक चरन सिंह खंडवा वनमंडल टीम ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर के वनवासी हैं। वे जंगल काटकर खेत बनाने के लिए आए थे।

खंडवा न्यायालय में पेश करने पर 13 दिन का जेल वारंट भी मांगा है। इन दिनों में आरोपियों से और भी योजनाओं का पता लगाया जाएगा। जिससे बेशकीमती जंगल उजडऩे से बचाया जा सके।

दरअसल, वन विकास निगम खण्डवा परियोजना मंडल खण्डवा की इकाई खण्डवा चतुर्थ के आरक्षित वन कक्ष क्रं. 42 सागौन रोपण 2008 में किया था निगम के पास बड़ा जिम्मा है कि बिगड़े वनों का यह सुधार करता है। 15000 हेक्टेयर का जंगल इनके पास है जिसमें जंगल का नामोनिशान खत्म हो गया है। वहां फिर से सागौन उगाने का चैलेंज इस विभाग को है जो व्यवस्थित तरीके से इसे अंजाम देता है।

होली के दिन काट रहे थे सागौन

11 मार्च की रात्रि में सामूहिक रूप से अवैध कटाई करते हुए खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर आदि के कुल 14 आरोपियों को वन सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से घेराबंदी कर मौका स्थल से गिरफ्तार किया।

13 दिन में कबूलेंगे योजना

उक्त घटना की सूचना नजदीकी पुलिस चौकी पर दी। वैधानिक कार्यवाही करते हुए 14 आरोपियों को जिला न्यायालय के समक्ष में प्रस्तुत किया गया। आरोपियों को 13 दिन का जेल वारन्ट जारी किया गया।

जज के सामने स्वीकारा अपराध

आरोपियों ने ब्यान में आरक्षित वन कक्ष कं. 40 एवं 42 के वर्ष 2008 एवं 2013 के सागौन रोपण क्षेत्रों में दिनांक 15/12/2022, 16/03/2023 एवं 11/03/2023 को सामूहिक रूप से अवैध कटाई एवं पालवा सफाई एवं हरे भरे पेडों को काटना स्वीकार किया है।

जान पर खेली यह टीम

समस्त कार्यवाही संभागीय प्रबंधक चरन सिंह द्वारा गठित टीम द्वारा सम्पादित की गई। टीम के सदस्य प्रफुल्ल मेश्राम परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी खण्डवा चतुर्थ, बसंत वरकडे परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, केएस नायक परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, प्रभाकर गीते सहायक अधिकारी, विजय कुमार पालीवाल वनपाल, सतेन्द्र त्रिपाठी, सचिन केथवास, योगेन्द्र सिंह नरवरिया, सेवकराम धाकड़, प्रवीण शर्मा, काशिब अली सयैद क्षेत्ररक्षक, लवकुश का योगदान सराहनीय रहा।

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