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Thursday, 22 October 2026
खरगोन

निरीक्षण में मिली अनियमिता के बाद खरगोन की 39 बेकरियों को बंद करने का नोटिस जारी

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मनीष मडाहर खरगोन। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंदौर क्षेत्रीय कार्यालय ने जल और वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम अंतर्गत बेकरी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें शहर में करीब 39 बेकरियों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद से ही बेकरी संचालकों में हड़कंप है। शहर के रहवासी क्षेत्रों में अधिकांश बेकरियों का संचालन किया जा रहा है। बोर्ड के इंदौर क्षेत्रीय अधिकारी एसएन द्विवेदी ने बताया कि प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 अंतर्गत उद्योग की स्थापना व संचालन के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति प्राप्त करना अनिवार्य है, परंतु बोर्ड की सम्मति लिए बिना बेकरी उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। उद्योग के संचालन में मशीनों व बर्तन आदि के धोने से दूषित जल उत्पन्न होता है। इसके संग्रहण, उपचार व डिस्पोजल के लिए दूषित जल उपचार व्यवस्था स्थापित नहीं की गई है। अनुपचारित दूषित जल परिसर के बाहर निस्सारण किया जाता है। उद्योग संचालन के दौरान मशीनों, यूटेल्सिल्स, केटल्स आदि को कपड़ों से पोंछने आदि से उत्पन्ना होने वाले खराब कपड़ों को भी बिना उपचार किए परिसर के बाहर फेंका जाता है। उद्योग में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई व्यवस्था स्थापित नहीं की गई है। इससे उत्पादन प्रक्रिया के दौरान आसपास के क्षेत्र में धुआं, दुर्गंध की स्थिति निर्मित होने की संभावना रहती है। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कई बेकरियों में उत्पादों का निर्माण होना पाया गया।

 पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति कर सकते हैं अधिरोपित

नोटिस के माध्यम से बताया गया है कि जल व वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम की धारा का उल्लंघन किया जा रहा है। इसलिए निर्देश जारी किए कि उद्योग से उत्पादन तत्काल बंद करें और कारण स्पष्ट करें कि क्यों न आपके उद्योग के संचालन के कारण पर्यावरण में हुई क्षति के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाए। उद्योग संचालन के लिए जिम्मेदार कर्ता-धर्ताओं के विरुद्ध अधिनियमों के प्रविधानों के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाए। सात दिन में स्पष्टीकरण नहीं देने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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