-बचाई बच्चों और शिक्षकों की जान
अनोखा तीर, रहटगांव। आयकर अधिकारी शेरसिंह गिन्नारे ने गुरुवार को ईपीईएस शाला खमगांव में कमरे के अंदर छुपा बैठा ब्लैक कोबरा को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह छोड़ा और शाला परिसर के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को भयमुक्त किया। इस संबंध में गिन्नारे ने बताया कि सर्प को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। वहीं बताया कि सर्प हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के सबसे महत्वपूर्ण मित्र हैं, जो किसानों के लिए मूषक (चूहों) की आबादी को नियंत्रित कर प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि कभी भी जहरीले सांप जैसे कोबरा को खुद पकड़ने की कोशिश न करें, तुरंत किसी स्थानीय अधिकृत सर्पमित्र या वन विभाग को सूचित करें। सांप को छेड़ें नहीं और लोगों को उससे कम से कम 10-15 फीट दूर रखें ताकि सांप तनाव में आकर फन न उठाए। सांप को भागने या छिपने के लिए सुरक्षित रास्ता दें, क्योंकि वे आमतौर पर इंसानों से बचना चाहते हैं। सांपों को मारना कानूनी रूप से अपराध (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत) है, इसलिए इन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाना चाहिए।







