-नवजात को स्वस्थ अवस्था में मां को सौंपा
अनोखा तीर, हरदा। जिला चिकित्सालय हरदा में जटिल प्रसूति प्रकरण का सफल प्रबंधन किया गया। 34 वर्षीय गर्भवती महिला लक्ष्मी, पत्नी ललित, प्रसव पीड़ा एवं अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचीं, प्रारंभिक परीक्षण के दौरान भ्रूण की हृदय गति स्पष्ट रूप से प्राप्त नहीं हो रही थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गोविंद कुशवाह द्वारा तत्काल सोनोग्राफी की गई, जिसमें गर्भनाल के गर्भाशय मुख के पास स्थित होने एवं भ्रूण की हृदय गति में असामान्यता की पुष्टि हुई। मरीज की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय निर्णय लिया गया, रक्त की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों, एनेस्थीसिया की टीम एवं नर्सिंग स्टाफ के समन्वित प्रयासों से आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन संपन्न किया गया। इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण में डॉ. मीनाक्षी पटेल, डॉ. विनोद भार्गव (एनेस्थेटिस्ट) एवं संपूर्ण ऑपरेशन थिएटर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, ऑपरेशन के उपरांत नवजात शिशु को आवश्यक उपचार एवं विशेष निगरानी हेतु एसएनसीयू में भर्ती किया गया। एसएनसीयू में डॉ. दीपक दोगाया, डॉ. सनी जुनेजा, यशोदा सिस्टर (प्रभारी) एवं समस्त नर्सिंग अधिकारियों द्वारा नवजात शिशु की सतत निगरानी एवं समुचित उपचार किया गया, टीम के समर्पित प्रयासों से 04 नवंबर 2026 को नवजात शिशु को स्वस्थ अवस्था में उसकी मां को सुपुर्द किया गया। इस जटिल प्रसूति प्रकरण के सफल प्रबंधन में मार्गदर्शन, सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. आभा जैन, डॉ. अशोक वर्मा, डॉ. गोविंद कुशवाह, डॉ. दीपक दोगाया, डॉ. विपिन पटेल सहित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, रेडियोलॉजी विभाग, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई टीम एवं समस्त नर्सिंग अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया गया। यह सफल प्रकरण त्वरित चिकित्सकीय निर्णय, विशेषज्ञता, विभागीय समन्वय, टीम भावना एवं समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है।







