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Friday, 6 November 2026
हरदा

ई-टोकन में मक्का का विकल्प ही नहीं, किसान खाद के लिए कैसे करें बुकिंग?

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-रबी सीजन में बढ़ा मक्का का रकबा, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था में फसल का विकल्प गायब
-कठिन कैप्चा ने भी बढ़ाई किसानों की परेशानी

तरुण गौर, सिराली। रबी सीजन की बोवनी की तैयारियों के बीच किसानों के सामने खाद की बुकिंग को लेकर नई समस्या खड़ी हो गई है। ई-टोकन के माध्यम से खाद बुक करते समय फसलों की सूची में मक्का का विकल्प ही नहीं दिया गया है। जबकि इस बार क्षेत्र में रबी सीजन के दौरान मक्का का रकबा बढ़ा है। ऐसे में मक्का की बोवनी करने वाले किसान खाद के लिए ई-टोकन कैसे बुक करें, यह उनके सामने बड़ा सवाल है। मक्का की फसल में खाद की अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था में फसल का विकल्प नहीं होने से किसानों को खाद मिलने में परेशानी होने की आशंका है। इस बार कम बारिश के कारण किसानों के सामने सिंचाई के पानी का संकट भी बना हुआ है। मूंग की फसल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा या नहीं, इस चिंता के चलते कई किसान मक्का की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मक्का की फसल से दो फसलों के बराबर आमदनी मिलने की संभावना रहती है। यही कारण है कि इस बार मक्का का रकबा बढ़ा है। इसके बावजूद ई-टोकन में मक्का का विकल्प नहीं होना किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। खाद की जरूरत के समय यदि किसान अपनी फसल का विकल्प ही नहीं चुन पाएंगे तो उन्हें बुकिंग और खाद प्राप्त करने के लिए भटकना पड़ सकता है।
कैप्चा इतना कठिन कि बुकिंग करने में लग रहा समय
ई-टोकन से खाद बुकिंग की प्रक्रिया में इस बार कैप्चा का नया विकल्प भी जोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि कैप्चा इतना जटिल है कि उसे समझने और सही तरीके से भरने में कई बार काफी समय लग जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य किसानों के लिए इसे भरना और भी मुश्किल हो रहा है। किसान कैप्चा भरने और बार-बार प्रयास करने में उलझे रहते हैं, वहीं दूसरी ओर खाद का स्टॉक खत्म होने की चिंता बनी रहती है। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई है, लेकिन जटिल प्रक्रिया के कारण उन्हें सुविधा के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल स्तर से जुड़ता है फसल का विकल्प, उच्चाधिकारियों को बताएंगे समस्या
मामले में कृषि विभाग हरदा के डीडीए प्रकाश ठाकुर का कहना है कि ई-टोकन में फसलों के विकल्प भोपाल स्तर से ही जोड़े जाते हैं। उन्हें मक्का फसल का विकल्प नहीं होने की जानकारी मिली है। इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, ताकि आवश्यक कार्रवाई कर फसल का विकल्प जुड़वाया जा सके।
किसानों की मांग- मक्का का विकल्प जोड़ें, कैप्चा प्रक्रिया सरल करें
किसानों की मांग है कि रबी सीजन की बोवनी शुरू होने से पहले ई-टोकन में मक्का फसल का विकल्प जोड़ा जाए। साथ ही कैप्चा की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि कम पढ़े-लिखे और ग्रामीण किसान भी आसानी से खाद की बुकिंग कर सकें। किसानों का कहना है कि खेती की तैयारी के समय खाद के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में उलझना उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। विभाग को समय रहते व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, ताकि किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।

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