-तवा डैम से पानी छोड़ने के बावजूद टेल क्षेत्र तक नहीं पहुंची सप्लाई
-पलेवा अटका, रबी फसलों की बोवनी में हो रही देरी
अनोखा तीर, मसनगांव। जल संसाधन विभाग द्वारा 25 अक्टूबर से तवा डैम से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद क्षेत्र के किसानों को अब तक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया है। सोनतलाई सब डिवीजन में 28 अक्टूबर को कुछ समय के लिए पानी पहुंचा था, लेकिन इसके बाद आपूर्ति बंद हो गई। आठ दिन बीतने के बाद भी नहरें सूखी पड़ी हैं। वहीं, नदी में भी पानी नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में रबी सीजन की तैयारी कर चुके किसानों का पलेवा अटक गया है और बोवनी में देरी होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि सामान्य तौर पर जल संसाधन विभाग द्वारा पानी छोड़ने के सात से आठ दिनों के भीतर टेल क्षेत्र तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचा दिया जाता था, लेकिन इस बार निर्धारित समय बीतने के बावजूद नहरों में पानी नहीं आया है। खेतों में पलेवा के लिए किसान नहरों की ओर देख रहे हैं, लेकिन पानी नहीं मिलने से उनकी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर, नदी में भी पानी उपलब्ध नहीं होने से किसानों के पास सिंचाई का वैकल्पिक साधन नहीं बचा है।
रेवापुर और सोनतलाई सब डिवीजन का टेल सूखा
तवा डैम की नहर प्रणाली के अंतर्गत आने वाले रेवापुर और सोनतलाई सब डिवीजन के टेल क्षेत्र में अब तक पानी नहीं पहुंचा है। इससे इन क्षेत्रों में रबी फसलों की बोवनी का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों के अनुसार 5 से 15 नवंबर तक गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बोवनी के लिए उपयुक्त समय माना जाता है। ऐसे में यदि जल्द पानी नहीं मिला तो चना और सरसों जैसी फसलों की बोवनी में भी देरी हो सकती है। समय पर बोवनी नहीं होने का सीधा असर फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर पड़ सकता है। किसान आनंद पाटील ने बताया कि फरवरी में तापमान बढ़ने के साथ फसलें समय से पहले सूखने लगती हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। यदि शुरुआत में ही पलेवा और बोवनी में देरी हुई तो आगे चलकर किसानों को दोहरी परेशानी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग को नहरों में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कर टेल क्षेत्र तक समय पर पानी पहुंचाना चाहिए, ताकि किसान निर्धारित समय में बोवनी कर सकें। इस संबंध में जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री सोनम वाजपेई ने बताया कि चैन क्रमांक 3008 पर पर्याप्त पानी है लेकिन मुख्य शाला में लिफ्ट वाले किसानों द्वारा पानी लिए जाने के कारण सब डिवीजन में पानी की कमी बनी हुई है जल्दी व्यवस्था बनाकर दोनों ही सब डिवीजन के टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।



