Skip to content
Tuesday, 3 November 2026
हरदा

छात्र देश का भविष्य, बचपन सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी

3 min read
Text Size:

-सुरक्षित बचपन अभियान का हुआ शुभारंभ
-विद्यालयों में 01 से 06 नवंबर के मध्य बच्चों को दी जाएंगी महत्वपूर्ण कानूनी

अनोखा तीर, हरदा। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा प्रारंभ किए गए सुरक्षित बचपन अभियान 01 से 06 नवम्बर अंतर्गत रविवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी की अध्यक्षता में विद्यार्थियों के लिए संबंधित विभाग के समन्वय से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम का यूट्यूब के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें जिला हरदा से न्यायाधीश, विद्यार्थीगण, संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा सहभागिता की गई। इसके उपरांत, जिला प्राधिकरण हरदा द्वारा जिले के विद्यालयों से उपस्थित हुए विद्यार्थियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी ने उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र देश के भविष्य हैं और उनके बचपन को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और न्यायालय संवेदनशील है। बच्चों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का लैंगिक अपराध या असुरक्षित स्पर्श जैसी घटना होती है तो वे चुप न रहें, बल्कि उसका विरोध करें और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लवकेश सिंह एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर राठौर ने बच्चों के विरुद्ध होने वाली हिंसा की रोकथाम, बाल अधिकारों एवं बाल सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इस दौरान उपस्थित विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट से संबंधित लघु फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही किसी भी प्रकार के शोषण की शिकायत हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930, और नि:शुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी देते हुए इनके उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव रहांगडाले ने किशोर स्वास्थ्य, छात्र-छात्राओं के बाल अधिकार और बाल सुरक्षा सहित विभिन्न कानूनी विषयों पर जानकारियां दी। वहीं सायबर एक्सपर्ट मोहन दोहरे द्वारा डिजिटल सेफ्टी और सायबर अवेयरनेस के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया गया। उमंग काउंसलर पारूल काशिव ने बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वस्थ जीवन शैली के महत्व के संबंध में मार्गदर्शन दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शैलेन्द्र ठाकुर, दीपक ठाकुर द्वारा विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई बार बच्चे अपने साथ होने वाले अनुचित व्यवहार को समझ नहीं पाते हैं और डर या झिझक के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं दे पाते हैं। बच्चों के समक्ष आने वाली ऐसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा अप्रिय घटना की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने अभिभावक और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को नोटपैड भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान विशेष न्यायाधीश जयदीप सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, स्कूलों के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण उपस्थित रहे।

0 Views
What do you think?

Leave a Reply