-मप्र पटवारी संघ ने डिप्टी कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
-योजना के क्रियान्वयन में स्पष्टता लाने की रखी मांग
अनोखा तीर, हरदा। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत पटवारियों को निष्पादक के दायित्व से पृथक किए जाने सहित योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला हरदा ने ज्ञापन सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने डिप्टी कलेक्टर स्वेता भमोरे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर शासन स्तर पर समस्याओं के निराकरण की मांग रखी। ज्ञापन में पटवारी संघ ने कहा कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न विभागों के दायित्व स्पष्ट किए जाना आवश्यक है। संघ ने मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग द्वारा 24 सितंबर 2026 को जारी परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि स्वामित्व योजना का मूल विभाग पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार है। ऐसे में इसके क्रियान्वयन का दायित्व राजस्व विभाग से नहीं कराया जाना चाहिए तथा पटवारियों को निष्पादन के दायित्व से अलग किया जाना चाहिए। संघ ने यह भी कहा कि योजना के तहत भूमि स्वामी के नाम-अभिलेख में विसंगति होने पर पटवारी द्वारा विलेख का निष्पादन नहीं करने तथा ऐसे मामलों का निराकरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा किए जाने का प्रावधान है। वहीं नाम में अंतर पाए जाने पर विभिन्न दस्तावेजों के आधार पर पहचान की पुष्टि करने संबंधी प्रावधान भी दिए गए हैं। संघ के अनुसार इन प्रावधानों को लेकर पटवारियों पर दोहरे दायित्व की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में ग्राम आबादी में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान, पारिवारिक स्थिति एवं वास्तविक निवास की पुष्टि का दायित्व पटवारी पर डालने को भी व्यवहारिक कठिनाई बताया गया। संघ ने कहा कि पटवारी का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से भूमि एवं खातेदार संबंधी राजस्व कार्यों तक सीमित है। ऐसे में पहचान एवं नाम संबंधी विवादों में अंतिम निर्णय का दायित्व सक्षम प्राधिकारी अथवा संबंधित विभागीय अधिकारी के स्तर पर रखा जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष सहित राजेश वर्मा, फूलसिंह उइके, राजनारायण बट्टी, सुशील दुबे, श्याम पवार सहित अन्य पटवारी साथी उपस्थित रहे।




