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Saturday, 17 October 2026
मध्य प्रदेश सुर्खियाँ हरदा

पहाड़ियों का सीना छलनी कर हजारों वर्गफुट में कर रहे मुरम का अवैध उत्खनन

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मप्र, ग्रीन ट्रिव्यूनल के आदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां..

प्रतिबंधित मुरम खदान में नहीं लगाए गए संकेतक बोर्ड

ANOKHATEER.COM हंडिया तहसील क्षेत्र की प्रतिबंधित कुसिया मुरम खदान में लंबे समय से मुरम, गिट्टी, पत्थर का अवैध उत्खनन कार्य अपनी पराकाष्ठा पर चल रहा है। यहां शासन के आदेश के अनुसार प्रतिबंधित मुरम खदान पर गहरे गड्ढे में पानी के निकट संकेतक बोर्ड नहीं लगे हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। मगर यहां तो सईंया भैये कोतवाल फिर डर काहे का..की तर्ज पर खनिज माफियाओं द्वारा खुलेआम जेसीबी मशीन से मुरम खोदकर लाखों रूपये का चूना शासन प्रशासन को लगा रहे हैं।

खनिज नियम की उड़ा रहे धज्जियां
माफियाओं द्वारा पहाड़ियों का सीना छलनी कर हजरों वर्गफीट लम्बी व 20 फीट गहरी खाई खोद डाली गई है, मगर जिम्मेदारों की कुम्भकर्णी नींद अभी तक नहीं खुली है। कुसिया कि प्रतिबंधित मुरम खदानों की बात कि जाये तो यहां देखने वाला कोई नहीं है। उधर कुंजर गांव के अधिनस्थ आने वाली यह मुरूम खदान लंबे समय से खनिज विभाग के अधिकारी और ठेकेदार की सांठगांठ के चलते भयावह गड्ढों में तब्दील हो गई है, मगर इस तरफ ना तो जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है और ना ही खनिज विभाग के कारिन्दो द्वारा कभी ध्यान दिया गया। आज इन सुंदर पहाड़ियों की जो हालत खनिज माफियाओं द्वारा की गई है वह किसी से नहीं छपी है। मगर अब सवाल उठता है कि कब तक सुंदर पहाड़ियों को इन माफियाओं द्वारा कुरूप और बदनुमा बनाया जाता रहेगा।

हादसे का इंतजार
बॉगरूल, हीरापुर की पहाड़ियों को भी इन माफियाओं ने जेसीबी, मशीनों से दिन- रात इस कदर मुरम  का अवैध खनन-किया गया है कि कभी भी बरसात में किसी चरवाहे का पैर फिसलने से हादसा भी घटित होने का अंदेशा बना रहता है। उधर जानकारों का कहना है कि वैध तथा अवैध मुरम खदानों के न तो सीमांकन के बोर्ड लगाये गये हैं और न ही प्रतिबंधित खदान के जिससे कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। जानकारों का साफ तौर पर कहना है म प्र. ग्रीन ट्यूनल के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। वही शासन को मिलने वाली रायल्टी सीधे जिम्मेदारों और ठेकेदारों की जेबों में जा रही हैं, वहीं पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।

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