– समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, एक निलंबित
-जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के निर्देश
अनोखा तीर, हरदा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने आज हरदा प्रवास दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि हरदा छोटा जिला है, अगर ईमानदारी से प्रयास किए जाएं तो यह आदर्श जिला बन सकता है। उन्होंने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने तथा जिले का सुनियोजित विकास करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के निराकरण में अधिकारियों द्वारा बर्ती जाने वाली लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबी समस्याओं के निराकरण में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही उनके विरुद्ध अर्थ दंड की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिले में व्याप्त विद्युत कटौती की समस्या को भी गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि समस्याओं के समाधान की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाए।
9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन के माध्यम से जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए 5 आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मानदेय भुगतान लंबित रखने पर जिला संयोजक निलंबित
समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाली महिला कर्मचारी का मानदेय 10 माह से अधिक समय से लंबित था। संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछने पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संदीप गौर से चर्चा कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित उनकी शिकायत सुनी। इसी प्रकार सतीश उइके की विद्युत बिल से संबंधित समस्या पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए मीटरों का सैंपल परीक्षण कर जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के समय पर निराकरण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने सहित अन्य आवेदकों से भी चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण भी तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
समाधान ऑनलाइन तक नहीं पहुंचनी चाहिए समस्याएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण इस स्तर पर किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समाधान ऑनलाइन तक पहुंचने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए कलेक्टर सभी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें। शिकायतों की विवेचना और निराकरण में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि निराकरण में कहां और किस स्तर पर शिथिलता बरती जा रही है। लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।
विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
समाधान ऑनलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल व विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुदाम खाड़े ने विभागीय कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा जिला छोटा जिला है। इसे बहुत आदर्श बनाया जा सकता है। सभी मिलकर जिले को संवारने का कार्य करें। नर्मदा परिक्रमा पथ का शीघ्रता से विकास हो, जिले में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए।
वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने जिले के वरिष्ठ नागरिक सरगम जैन व विक्रान्त अग्रवाल से चर्चा की। इस दौरान सरगम जैन ने जिले के विकास के संबंध में सुझाव दिए। उन्होंने नाभि कुंड के विकास के संबंध में भी अनुरोध किया। इसी तरह विक्रान्त अग्रवाल द्वारा जिले में ओपन स्टेडियम बनाने की बात कही गई। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुदाम खाड़े, पूर्व मंत्री कमल पटेल तथा कमिश्नर नर्मदापुरम श्रीकांत बनोठ, आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।







