-घटिया निर्माण के आरोपों पर लोक निर्माण विभाग ने उठाया कदम
-जांच के लिए भेजा मैटेरियल
अनोखा तीर, खिरकिया। पोखरनी – कालधड़ मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारी राजेश पाठक ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है, वहीं निर्माण कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे मैटेरियल को जांच के लिए भेजा गया है। करीब 8 किलोमीटर लंबे पोखरनी – कालधड़ मार्ग के निर्माण में बजरी में मिट्टी मिलाकर बेस तैयार करने तथा नई बनी पुलियाओं में दरारें आने की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की तकनीकी जांच की मांग की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है।
जांच के लिए भेजा मटेरियल
विभागीय अधिकारी राजेश पाठक के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे मैटेरियल को जांच के लिए भेजा गया है। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप है या नहीं। मटेरियल की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ग्रामीणों द्वारा सड़क के बेस में गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें की गई थीं।
नई पुलियाओं की गुणवत्ता भी जांच के घेरे में
मार्ग पर निर्माणाधीन एवं नई बनी पुलियाओं में दरारें आने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की थी। ऐसे में अब विभागीय जांच में सड़क निर्माण के साथ पुलियाओं की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और निर्माण कार्य में किसी भी तरह की कमी सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
करोड़ों की लागत का प्रोजेक्ट
पोखरनी – कालधड़ मार्ग पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होने की जानकारी सामने आई है। मार्ग में करीब 3 किलोमीटर सीसी रोड तथा 5 किलोमीटर डामर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही करीब 19 पुलियाओं का निर्माण भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। इतनी बड़ी राशि से बन रहे सड़क मार्ग में गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने के बाद विभाग द्वारा मैटेरियल जांच के लिए भेजना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
नोटिस जारी होने और मैटेरियल जांच के लिए भेजे जाने के बाद अब सभी की निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है। यदि जांच में निर्माण सामग्री निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से बन रहे मार्ग की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
सड़क निर्माण की शिकायत पर ठेकेदार को नोटिस







