-दादा-दादी के स्नेह से भावुक हुआ विद्यालय
अनोखा तीर, हरदा। महर्षि ज्ञानपीठ में ग्रैंडपेरेंट्स डे का आयोजन बड़े ही आत्मीय, भावुक और आनंदमय वातावरण में किया गया। प्री-प्राइमरी कक्षाओं नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी के नन्हे बच्चे अपने दादा-दादी के साथ विद्यालय पहुंचे। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी और दादा-दादी के बीच प्रेम, संस्कार एवं भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करना रहा। विद्यालय पहुंचने पर दादा-दादियों का बच्चों एवं विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके पश्चात दादा-दादियों के हाथों मां सरस्वती का पूजन कराया गया। नन्हे बच्चों ने अपने दादा-दादी के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए उनके लिए विशेष प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में दादा-दादियों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। खेलों में विजेता रहे दादा-दादियों को संस्था की ओर से श्रीमद्भगवद्गीता उपहार स्वरूप प्रदान की गई। कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक पक्ष उस समय देखने को मिला जब दादा-दादियों ने अपने बचपन से जुड़े मजेदार किस्से-कहानियां सुनाईं और गीत प्रस्तुत किए। वहीं सभी दादियों ने एक साथ गरबा नृत्य कर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग भर दी। इस अवसर पर बच्चे भी दादा-दादी के वेश में विद्यालय पहुंचे, जिसने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। अपने दादा-दादियों को प्रसन्न करने के लिए बच्चों ने वेलकम टू अवर स्कूल गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुति देखकर दादा-दादी भावुक होने के साथ-साथ खुशी से झूम उठे। कार्यक्रम में नाती-पोतों और दादा-दादियों के बीच प्रेम और अपनत्व की सुंदर झलक देखने को मिली। कई दादा-दादी अपने नन्हे नाती-पोतों को गले लगाकर भावुक नजर आए। विद्यालय परिवार ने कहा कि दादा-दादी केवल परिवार के वरिष्ठ सदस्य ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए संस्कार, अनुभव और प्रेम का अनमोल स्रोत होते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को परिवार के बुजुर्गों के प्रति सम्मान और भारतीय पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की एंकरिंग हीरम शाह ने की। आयोजन को सफल बनाने में सरिता मैडम, डॉली मैडम एवं संगीता मैडम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में संस्था की प्राचार्य कामना राजपूत ने सभी दादा-दादियों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।





