-बुजुर्गों से साझा किए अनुभव
अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय हरदा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश गौर एवं प्रशासनिक अधिकारी व्ही.के. बिछोतिया के निर्देशन में तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशा गायकवाड़ के मार्गदर्शन में प्राध्यापक मनीषा चौहान के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में तथा अभ्युदय योजना के अंतर्गत वृद्धाश्रम जाकर जीवन के अनुभव एवं समाधान पर चर्चा की गई। वृद्धजनों से चर्चा उपरांत यह पता चला कि वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों की स्थिति अत्यंत संवेदनशील और जटिल होती है। जहाँ एक ओर वृद्धाश्रम इन बुजुर्गों को सहारा और बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी ओर वे अपनों से दूर होने के गहरे मानसिक दर्द और अकेलेपन से जूझते हैं। परिवार से अलग होने के कारण यहाँ रहने वाले 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत बुजुर्ग अवसाद और अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। उन्हें हर समय अपनी संतानों और घर की याद सताती है। बुजुर्गों से बात करते हुए यह भी पता चला कि अपने परिवार द्वारा खुद को अनुपयोगी समझे जाने के कारण उनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुँचती है। इसी के साथ वृद्धाश्रम में यह भी देखा गया कि वृद्धजनों का वृद्धाश्रम में रहने का एक सकारात्मक पहलू भी है कि हमउम्र लोगों के साथ रहने से वे अपने सुख-दुख साझा कर पाते हैं, जिससे कई बुजुर्गों को थोड़ा सुकून भी मिलता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा बुजुर्गों के साथ मिलकर बहुत ही उत्सुकता के साथ चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सहभागिता की गई, साथ ही भजन एवं लोकगीत के माध्यम से वृद्धजनों को मानसिक शांति, भावनात्मक संबल और आध्यात्मिक संतोष का अनुभव कराया गया। इस कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवक अंकिता गायकवाड़, प्रीति मालवीय, तनीषा चौहान, अवंतिका राठौर, साधना बरैया, प्रीतम नागोरे, कविता रावल एवं महाविद्यालय स्टाफ से डॉ. सार्वेंद्र पटेल, डॉ. प्रतिष्ठा कुमेकर, डॉ. शिवानी वर्मन, बसंत सिंह राजपूत द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया गया।



