
-पीएमएफएमई योजना से आत्मनिर्भर बने खिरकिया के युवा उद्यमी देवेश
-मक्का आटा और मिलेट उत्पादों को बनाया ब्रांड
अनोखा तीर, हरदा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना जिले के युवाओं को स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना से जिले के अनेक युवा अपने परंपरागत व्यवसाय को आधुनिक रूप देकर नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है विकासखंड खिरकिया के वार्ड नं.-3 निवासी युवा स्वरोजगार उद्यमी देवेश भावसार की। देवेश भावसार व्यक्तिगत रूप से खाद्य प्रसंस्करण का व्यवसाय संचालित करते हैं। उनका उद्देश्य था कि स्थानीय किसानों से कच्चा माल प्राप्त कर उससे गुणवत्तापूर्ण मक्का आटा, मसाला एवं मिलेट उत्पाद तैयार कर ग्राहकों तक उचित मूल्य पर पहुंचाया जाए। पीएमएफएमई योजना से जुड़ने से पहले उनका व्यवसाय सीमित स्तर पर ही संचालित हो रहा था। संसाधनों के अभाव में वे अपने उत्पाद को बड़े बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे थे। तभी उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना की जानकारी मिली। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने योजना में आवेदन किया। पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उनके उद्यम हेतु बैंक लोन के माध्यम से 23 लाख रुपये की परियोजना पर 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। शासन द्वारा प्राप्त इस सहायता से उन्होंने अपने खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। अनुदान राशि से उन्होंने पी.एस. पेकेजिंग सहित आधुनिक मशीनरी, प्रोसेसिंग यूनिट और पैकेजिंग मशीन स्थापित की। इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई, बेहतर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ। आज उनके उत्पाद न केवल स्थानीय बाजार में बल्कि ऑनलाइन एवं थोक बाजार तक भी अपनी पहुंच बना रहे हैं। उत्पादन और बिक्री बढ़ने से उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई है तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। देवेश बताते है कि योजना के माध्यम से उनके व्यवसाय को नई दिशा मिली तथा वित्तीय सहायता व मार्गदर्शन से व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला। आधुनिक मशीनरी के उपयोग से उत्पादन और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा बाजार का विस्तार करने में मदद मिली। इस योजना ने देवेश को आत्मनिर्भर बनने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का विश्वास दिया। भावसार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, शासन की सहायता और युवा उद्यमिता के संकल्प से छोटे व्यवसाय को भी बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उद्यानिकी विभाग का हृदय से आभार व्यक्त किया है।



