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Thursday, 22 October 2026
देवास

शिंगणापुर शनिदेव की प्रतिमूर्ति के दर्शन कर अपनी पीड़ा को दूर करें

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देवास :- भगवान शनिदेव की वक्रीय दृष्टि से कोई बचा नहीं वो नियती के चक्र का एक विधान है जिसके प्रभाव में पृथ्वी पर हर प्राणी के साथ प्रकृति के क्रिया कलाप भी आते हैं। आध्यात्म ही एक ऐसा साध्य है जो मनुष्य को भगवान शनि के प्रभाव को कमजोर या क्षीण कर सकता है। आप ऐसे स्थान की तलाश में है तो एक बार देवास मुक्तिधाम मार्ग पर स्थित रामकृष्ण व्यायामशाला परिसर में आकर दर्शन की सुखद अनुभूति का लाभ प्राप्त करे। इस आध्यात्मिक परिसर में कलयुगी और हमारे कर्मफल के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने और आत्मशक्ति के सुखद वातावरण का दर्शन होगा। यहाँ निर्मित नयनाभिराम शिवालय जिन्हें भक्त  कृष्णेश्वर महादेव के नाम से पूजते हैं और महादेव मंदिर के पास भगवान शनिदेव का मंदिर स्व प्रकट शिंगणापुर शनिदेव की प्रतिमूर्ति के रूप में विराजित है। जो संयोगवश स्थापित होकर परिसर में चमत्कारी चैतन्यता के रूप में भक्तों के आध्यात्म भाव को जागृत कर रहे है।

शनिदेव के इस मंदिर के पास रियासतकालीन समय से स्थापित भगवान हनुमानजी की आकर्षक एवं मनोकामनापूर्ण करने वाली प्रतिमा है जिनके दर्शन से हमारे आत्मबल में वृद्धि का अहसास होता है। तीनों युग के त्रिकाली भगवान के मंदिर का एक परिसर में होना ईश्वरीय कृपा है। आप अगर शनि ग्रह के ढैया और साढ़े सात वर्ष कालीन प्रभाव में राशिगत है तो निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि शनि देव जिन भगवान के वशीभूत है या हम यह कह सकते है जिनके पूजने से शनिदेव भगवान की कुदृष्टि नष्ट हो जाती है वो देवाधि देव भगवान शिव कृष्णायन रूप में स्थापित है। वहीं भगवान सद्गुरू खेड़ापति हनुमानजी का दिव्य रूप ऐसा है कि भक्त को उनके दर्शन से यह अनुभूति होगी कि शनिदेव हम पर कृपा करेंगे।

आप देखेंगे कि खेड़ापति के दर्शन के बाद शनिदेव की स्वत: सुखद दर्शन हुए । यही आत्म अनुभूति हमारे जीवन में आध्यात्म सुख के साथ आत्मबल ओर सुखी जीवन जीने का मार्ग निर्मित करती है। भगवान भाव के भूखे हैं। आप भक्ति भाव के साथ इस अद्भुत स्थान पर जाकर एक बार दर्शन का लाभ लेकर अपने सभी ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति के साथ अपने परिवार में सुखद वातावरण प्रदान कर सकते हैं। उक्त जानकारी ऊॅ  सद्गुरू खेड़ापति हनुमान भक्त मण्डल के संयोजक मदनलाल कहार ने दी।

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