-108 दीपकों से हुई मां की आरती
-महाकाली स्वरूप और नशामुक्ति नाटक ने दिया आध्यात्मिक संदेश
अनोखा तीर, हरदा। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर नवदुर्गा उत्सव समिति चित्रा इमली, इंदौर रोड स्थित प्रांगण में नौ देवियों की चैतन्य झांकी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक ज्ञान, देवी स्वरूपों की महिमा और नशामुक्ति के संदेश के माध्यम से उपस्थित लोगों को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर बीके भव्यता बहन ने नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए कहा कि नवरात्रि केवल देवी-देवताओं की पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर छिपी शक्तियों को जागृत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि नौ देवियां हमारी नौ दिव्य शक्तियों की प्रतीक हैं। स्थिरता, तपस्या, शांति, खुशी, ममता, साहस, परिवर्तन, पवित्रता और सिद्धि जैसी शक्तियों को जीवन में धारण करके ही सच्चे अर्थों में दैवी गुणों को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिषासुर कोई बाहरी राक्षस मात्र नहीं, बल्कि हमारे भीतर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और बुरी आदतों का प्रतीक है। परमात्मा की याद और राजयोग के अभ्यास से इन विकारों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। नवरात्रि का सच्चा उद्देश्य केवल देवी की आराधना करना नहीं, बल्कि अपने जीवन को दिव्य गुणों से सुसज्जित करना है। कार्यक्रम में 108 दीपकों से मां की भव्य आरती की गई। महाकाली स्वरूप की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, नशामुक्ति पर आधारित नाटक के माध्यम से युवाओं और समाज को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, संस्कारवान और खुशहाल जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ना, बुराइयों का त्याग करने की प्रेरणा देना और समाज में शांति, पवित्रता एवं सकारात्मकता का वातावरण निर्मित करना रहा।







