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Thursday, 22 October 2026
राष्ट्रीय

सात किलोमीटर लंबी कीर्तन यात्रा में सतश्री अकाल की गूंज, गतका प्रदर्शन ने किया अचंभित

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रायपुर- जो बोले, सो निहाल, सतश्री अकाल….’ और ‘वाहे गुरु दी खालसा, वाहे गुरु दी फत्ते’ के जयकारे राजधानी की सड़कों पर गूंज उठे। सिख समाज के बच्चे, युवतियों, बुजुर्गों में जबरदस्त उत्साह छाया रहा। करीब सात किलोमीटर की दूरी तक यात्रा मार्ग में जगह-जगह लंगर, प्रसादी वितरण और शर्बत वितरण किया जाता रहा। यह नजारा सिख धर्म के प्रथम गुरु नानकदेव के प्रकाश पर्व के पहले निकाली गई नगर कीर्तन यात्रा में दिखाई दिया।

नगर कीर्तन यात्रा स्टेशन रोड गुरुद्वारा से दोपहर को निकाली गई। यात्रा के पड़ाव में तेलघानी नाका, अग्रसेन चौक, बजरंग नगर, गुरु घासीदास प्लाजा, आजाद चौक थाना, विवेकानंद आश्रम, राजकुमार कालेज, अनुपम गार्डन, विधायक विकास उपाध्याय के निवास, एनआइटी, यूनिवर्सिटी, सरस्वती नगर थाना, मोहबाबाजार, एम्स अस्पताल मार्ग पर जगह-जगह लंगर, शर्बत वितरण की सेवा दी जा रही थी। यात्रा मार्ग में भव्य स्वागत द्वार बनाए गए थे। गुरु ग्रंथ साहिब के वाहन और यात्रा में शामिल सिख समाज के लोगों पर फूल बरसाकर स्वागत किया गया। अनेक सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने यात्रा मार्ग में सेवा दी।
पंज प्यारों ने की अगुवाई
हाथों में तलवार थामे चल रहे पंज प्यारों की अगुवाई में निकाली गई नगर कीर्तन यात्रा में सुगंधित फूलों से सुसज्जित वाहन पर गुरु ग्रंथ साहिब को विराजित किया गया। स्त्री सत्संग जत्था और रागी कीर्तनकार शबद-कीर्तन का गायन करते चल रहे थे।
यात्रा मार्ग में सफाई
गुरु ग्रंथ साहिब जिस वाहन पर सुशोभित थे, उसके आगे सिख समाज की महिलाओं ने सड़कों की सफाई की। पूरे यात्रा मार्ग में महिलाओं ने हाथों में झाड़ू थामकर सड़क को साफ किया। यात्रा मार्ग में पानी टैंकरों से छिड़काव भी किया जा रहा था।
युवाओं ने केसरिया पगड़ी, युवतियों ने केसरिया दुपट्टा किया धारण
यात्रा में युवा, बुजुर्गों ने सफेद कुर्ता, पेंट, पायजामा और केसरिया पगड़ी तथा युवतियों ने सफेद सलवार-कुर्ती, केसरिया दुपट्टा धारण कर रखा था। कीर्तन दल के साथ भक्तिभाव से कीर्तन गाते शामिल हुए।
गतका दलों का करतब

गतका दल के सदस्यों ने विविध तरह के करतब दिखाकर राजधानीवासियों को अचंभित किया। नुकीली तलवार पर लेटने, आग के गोले से कूदने, सिर से ट्यूब लाइट फोड़ने, बर्फ की सिल्लि्यां, ईट फोड़कर तालियां बटोरीं।
आदिवासी नृत्य का आकर्षण
यात्रा में आदिवासी नर्तक दलों ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी। आदिवासियों का नृत्य देखने के लिए सड़कों पर भीड़ लग गई।
गुरुद्वारा अध्यक्ष ने निभाई परंपरा
स्टेशन रोड गुरुद्वारा के समक्ष यात्रा से पूर्व गुरुद्वारा अध्यक्ष सुरेंद्र सिंग छाबड़ा ने श्रीगुरुग्रंथ साहिब को सम्मानपूर्वक ले जाकर वाहन पर सुशोभित करने की परंपरा निभाई। इस दौरान ‘जो बोले सो निहाल,सतश्री अकाल..’.गूंज उठा। खुली जीप में युवा नगाड़ा बजाते और ठीक पीछे पंजाब के गतका दल के कलाकार करतब दिखाते चल रहे थे।
इन संगठनों ने किया स्वागत
नहर पारा पूज्य पंचायत, तेलघानी नाका पर आनंद चोपकर, छतीसगढ पंजाबी सनातन सभा के आकाश विग, विधायक कुलदीप जुनेजा, पार्षद रितेश श्रीवास्तव, हैदर अली, चैंबर आफ कामर्स से अमर परवानी, गुरप्रीत बाबरा, संजय श्रीवास्तव, सोनू सलुजा, बजरंग खंडेलवाल, तेजिंदर सिंह होरा, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष महेंद्र सिंग छाबङा, कल्याण सिंग आदि ने स्वागत किया।

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