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Thursday, 22 October 2026
भोपाल मध्य प्रदेश हरदा

905 दिव्यंगो में से 84 का ही हुआ सर्वे, हरदा डीपीसी को नोटिस जारी

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प्रशस्त मोबाइल एप से स्कूलों में 15 सितंबर तक दिव्यांग विद्यार्थियों को करना था चिन्हित

 

प्रशांत शर्मा हरदा। प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान आईईडी के तहत प्रशस्त मोबाइल एप से सर्वे किया जाना है, लेकिन कई जिलों में सर्वे कार्य ही शुरू नहीं किया है। अब राज्य शिक्षा केंद्र ने हरदा सहित प्रदेश के 23 जिलों के जिला परियोजना समन्वयक डीपीसी से स्पष्टीकरण मांगा है। इनको 15 सितंबर तक स्कूलों में सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई जिलों में सर्वे कार्य शुरू ही नहीं हो सका। राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों ने इसे लापरवाही और अनुशासनहीनता करार दिया है। 8 नवंबर को राज्य शिक्षा केंद्र ने नोटिस जारी किया है। हरदा जिले में कुल 565 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एमआरसी एप के माध्यम से जोड़ा जाना था। इन स्कूलों में 65 हजार 300 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं इनमे से 905 दिव्यांग है। इन बच्चों का सर्वे किया जाना था, लेकिन पिछली रिपोर्ट के अनुसार जिले में 84 दिव्यांग विद्यार्थियों की जानकारी ही अपलोड हो पाई है।

इस तरह की आ रही समस्याएं
सर्वे करने में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। एप पर ऑनलाइन जानकारी अपलोड करने में समस्या हो रही है। बार-बार एप बंद हो जाता है। जिससे काम प्रभावित होता है। ऐसे में अब जिले में ऑफलाइन सर्वे कराया जा सकता है। वहीं जिम्मेदारों की मानें तो जिले की 565 स्कूलों में पढ़ने वाले 905 दिव्यांग विद्यार्थियों का सर्वे किया जाना था, जिनमें से अभी तक 84 दिव्यांग विद्यार्थियों का ही सर्वे हो सका है।

इन जिलों को नोटिस देकर मांगा स्पष्टीकरण
प्रशस्त ऐप के उपयोग में प्रदेश के 23 जिलों में परेशानी आ रही है। इनमें हरदा के अलावा शहडोल, अलीराजपुर, अनूपपुर, बड़वानी, दमोह, दतिया, धार, गुना, सीहोर, जबलपुर, कटनी, मंडला, मुरैना, निवाड़ी, पन्ना, राजगढ़, श्योपुर, सिंगरौली, टीकमगढ़, नीमच, रायसेन और उज्जैन को नोटिस दिया है। इनमें से कई जिलों में सर्वे शुरू ही नहीं हुआ है।

ऐसे काम करता है प्रशस्त एप
प्रशस्त एप से स्कूल में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की पहचान हो सकेगी और विभाग उनके लिए बेहतर योजना बना सकेगा। एप में विभिन्न तरह की चैकलिस्ट दी गई है, जिसे प्रशिक्षित शिक्षकों को भरना होता है। इसके माध्यम से दिव्यांगता स्पष्ट होती है। कई बच्चों को मानसिक समस्या भी होती है, उनकी पहचान भी इससे हो सकेगी। 21 तरह की विकलांगता को चिन्हित किया जाना है।

इनका कहना है…

जिले के कुल 565 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले 905 दिव्यांग विद्यार्थियों का सर्वे किया जाना था, जिनमें से अभी तक 84 दिव्यांग विद्यार्थियों का ही सर्वे हो सका है। प्रशस्त-एप एक ऑनलाइन एप है। कई बार जानकारी अपलोड होने में भी देरी हो रही है। बार-बार बंद होने की समस्या भी सामने आई।

प्रेमनारायण कीर, एपीसी आईईडी शाखा प्रभारी, हरदा

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