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Monday, 12 October 2026
हरदा

खुसुर-फुसुर …

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विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जहां एक तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सत्तारूढ़ दल भाजपा की घेराबंदी करने की तैयारी रही है। वहीं दूसरी ओर यही विपक्ष जमीनी स्तर पर गुटबाजी से ग्रसित होकर ताश के पत्तों की भांति बिखरा दिखाई पड़ रहा है। फर्क इतना है कि कहीं कम तो कहीं ज्यादा है। खैर, ये सब पार्टी के प्रदेश से लेकर जिला स्तर पर प्रमुख पदाधिकारियों की चिंता का विषय है। परंतु यही सबकुछ सार्वजनिक तौर पर होने लगे तो चर्चाओं का बाजार गर्माना लाजमी है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार रात को हुआ। जिसकी खुसुर-फुसुर दूसरे दिन यानि बुधवार को भी सुनने को मिली। जब, एक युवा नेता को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद फूलमाला एवं बधाईयों का दौर चल रहा था। सोशल मीडिया पर युवा समर्थकों में उत्साह भी दिखा। लेकिन, रात होते-होते सारी खुशियों में खटास सी पड़ गई। दरअसल, शहर के प्रमुख चौराहें पर पार्टी के ही युवा कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारी के साथ बदसलूकी कर डाली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बधाईयों से शुरू हुआ मामला कहासुनी में बदल गया, वहीं देखते ही देखते बात गिरेवान तक पहुंच गई। यह तक कह डाला कि नेतागिरी भूला देंगे। गनीमत रही कि वहां मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत बीच बचाव किया, वहीं मामले को शांत कराया। ऐसी स्थिति में संबंधित युवा को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सक्रिय होने के बजाय उन सवालों को लेकर कसक तो रहेगी कि आखिर इसकी वजह क्या थी ? ऐसे बर्ताव की क्या जरूरत ? उधर, इतना सब होने के बाद चौक-चौराहें पर चर्चा ना छिड़े, यह बेमानी है। इधर, भाजपा समर्थकों का तंज कि ये सब तैयारियों का डेमो है।

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