-नहरों के संधारण एवं कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर हुई चर्चा
अनोखा तीर, हरदा। जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग हरदा सोनम बाजपेयी, उप संचालक कृषि प्रकाश ठाकुर, उप महाप्रबंधक मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी कमल कांत सिंह, पुलिस विभाग से एसडीओपी शालिनी परस्ते, सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। बैठक में आगामी रबी सिंचाई हेतु जल उपलब्धता, नहरों के सुचारु संचालन, साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्यों तथा कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में तवा बांध का जलभराव स्तर 1162 एमसीएम अर्थात 87.65 प्रतिशत है। इस वर्ष हरदा जिले में नहरों के माध्यम से 1,04,843 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक के दौरान कृषकों द्वारा 22 अक्टूबर 2026 से हरदा जिले के बिंदु क्रमांक 3008 पर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। कृषकों ने यह भी सुझाव दिया कि नहरों में पानी छोड़े जाने से पूर्व नहरों की समुचित साफ-सफाई, गाद निकासी एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण कराए जाएं, ताकि जल प्रवाह सुचारु बना रहे। इसके अतिरिक्त, कृषकों द्वारा तवा परियोजना की एलबीसी एवं एचबीसी की मुख्य नहरों के प्रमुख बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की मांग रखी गई। बैठक में कृषकों की सिंचाई संबंधी समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने का सुझाव भी दिया गया। कार्यपालन यंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि सिंचाई सीजन के दौरान प्रतिवर्ष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाता रहा है तथा इस वर्ष भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।





