अनोखा तीर, हरदा। बिजली-खाद की कमी से परेशान किसान आक्रोश मोर्चा ने गुरुवार को हरदा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मक्का खरीदी, डीएपी खाद और दिन में 10 घंटे बिजली समेत छह प्रमुख मांगें रखी गईं। मोर्चा ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया, चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर कृषि और विद्युत कंपनी के कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी। एसडीएम ने किसानों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। बाजार में मक्का समर्थन मूल्य (2400 रुपये) से काफी कम (1500-1700 रुपये) बिक रही है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। रबी सीजन के लिए डीएपी खाद भी उपलब्ध नहीं है। मोर्चा ने तत्काल खरीदी केंद्र शुरू करने, पर्याप्त डीएपी उपलब्ध कराने और नहरों की सफाई कर सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की।
दिन में बिजली देने की मांग
ज्ञापन में कृषि कार्य के लिए रात के बजाय दिन में लगातार 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि रात में खेतों पर सिंचाई करने के दौरान जंगली जानवरों और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के बावजूद पिछले दो-तीन महीनों से उपभोक्ताओं को दो से तीन गुना तक बढ़े हुए बिजली बिल दिए जा रहे हैं। मोर्चा ने वास्तविक खपत के आधार पर बिल जारी करने और ग्रामीण विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की।
मंडी में धान और चिया सीड्स की खरीदी हो
किसान आक्रोश मोर्चा ने हरदा मंडी को आदर्श मंडी का दर्जा मिलने का हवाला देते हुए प्रशासन से व्यापारियों के साथ चर्चा कर यहां धान और चिया सीड्स की खरीदी शुरू कराने की मांग की। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूसरे जिलों में जाने और अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाने से राहत मिलेगी। मोर्चा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाना चाहिए। समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को जिला मुख्यालय तक आने में समय और धन खर्च करना पड़ता है। यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कृषि एवं विद्युत कंपनी में तालाबंदी की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
बिजली-खाद की कमी से परेशान किसान आक्रोश मोर्चा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन





