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Saturday, 17 October 2026
हरदा

ईरान-इजरायल युद्ध से महंगाई का असर, तेल से लेकर प्लास्टिक सामान तक बढ़े दाम

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अनोखा तीर, मसनगांव। गर्मी का सीजन शुरू होते ही एक बार फिर महंगाई बढ़ने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण विदेशों से आने वाले सामान की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर स्थानीय बाजार में भी दिखाई देने लगा है। सबसे अधिक असर खाद्य तेल के दामों पर देखा जा रहा है। एक सप्ताह पहले जो सोयाबीन तेल 135 रुपए लीटर मिल रहा था, वह बढ़कर 141 रुपए लीटर तक पहुंच गया है। वहीं सूखे मेवों के भावों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। काजू के दाम करीब 900 रुपए किलो से बढ़कर लगभग 950 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि बादाम के भाव 750 रुपए से बढ़कर करीब साढ़े आठ सौ रुपए किलो हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अरब देशों से आने वाले सामान पर युद्ध का असर दिखाई दे रहा है। यदि लंबे समय तक युद्ध जारी रहा तो समुद्री मार्ग से आने वाले कच्चे तेल और अन्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे खाने-पीने की कई वस्तुओं के दाम और बढ़ सकते हैं। इधर पिछले दिनों गैस के दामों में वृद्धि के बाद किसानों में भी चिंता बढ़ गई है। अधिकांश किसान डीजल खरीदकर जमा कर रहे हैं। करीब चार दिन पहले क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की खपत बढ़ने से कुछ समय के लिए शॉर्टेज की स्थिति बन गई थी। बाद में पेट्रोल पंप संचालकों ने डिपो से डीजल मंगाकर आपूर्ति सामान्य की। किसानों को आशंका है कि सरकार कभी भी पेट्रोल-डीजल या बिजली के दाम बढ़ा सकती है, जिसका असर खेती-किसानी पर पड़ेगा। ग्राम के किसान रतनदीप पाटिल ने बताया कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। पहले से ही खाद्य तेल के दाम बढ़े हुए हैं, ऊपर से सिलेंडर के दामों में करीब 60 रुपए की वृद्धि से मध्यम और गरीब वर्ग पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
गैस बुकिंग की अवधि 15 से बढ़ाकर 25 दिन
जिले में गैस एजेंसियों द्वारा अब गैस सिलेंडर की बुकिंग 15 दिन के बजाय 25 दिन बाद की जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू होने के कारण उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद ही सिलेंडर बुक करना पड़ रहा है। बड़े परिवारों में एक सिलेंडर 15 दिन में ही खत्म हो जाता है, ऐसे में कई घरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्राम में गैस सिलेंडर विक्रेता रामनिवास रायखेरे ने बताया कि पहले 15 दिन में सिलेंडर बुक करने पर मिल जाता था, लेकिन शासन के नए निर्देशों के अनुसार अब 25 दिन बाद ही गैस टंकी की बुकिंग की जा रही है। भाव में वृद्धि होने से भी उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है।

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