राशि वर्मा, हरदा। विधानसभा चुनाव के पूर्व जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी, तो ऐसा लग रहा था कि प्रदेश सरकार सिर्फ चुनाव होने तक ही लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह निश्चित राशि देकर अपने पक्ष में मतदान कराना चाहती है और चुनाव होते ही इस योजना को बंद कर दिया जाएगा। लेकिन चुनाव के बाद विगत १५ माह से भले ही मोहन सरकार को अपने खर्चों में कटौती करना पड़ी, लेकिन उन्होंने प्रदेश की लाड़ली बहनाओं को निराश नहीं किया है। प्रतिमाह उनके खातों में १२५० रुपए की राशि डाली जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा जो प्रदेश की बहनों को यह सौगात दी जा रही है, इसका उनके जीवन पर क्या असर पड़ा है, उसे अनोखा तीर ने जाना तो यही लगा कि इस योजना के कारण प्रदेश की महिलाएं आज सम्मान के साथ जीवन यापन करने लगी हैं। ऐसी ही कुछ लाड़ली बहनों से बात की तो ग्राम कुकरावद की सुनीता ने बताया कि पहले यदि हमारे बच्चे कोई कॉपी किताब की मांग करते थे तो हमें उन पैसों के लिए अपने पति के सामने हाथ फैलाने पड़ते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री जो हर माह राशि देते हैं, उससे हम अपने और अपने बच्चों की रोजमर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर लेते हैं। इसी तरह ग्राम की सुगंधा बाई ने कहा कि पहले तो यह स्थिति थी कि सब्जी वाला जब गांव में सब्जी बेचने आता था तो उसे घर से अनाज लाकर सब्जी लेना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता १२५० रुपए में पूरे माह आसानी से घर की सब्जी भाजी आ जाती है। हरदा में टंकी मोहल्ले के समीप रहने वाली राखी ने कहा कि हमें तो पहले लगता था कि सिर्फ वोट लेने के लिए दो-चार महीने यह राशि मिलेगी, लेकिन मोहन भैया ने इस योजना को आगे बढ़ाकर पूरे प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। पहले हमे अपने पति और परिजनों के सामने छोटी-छोटी राशि के लिए हाथ फैलाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह पैसा सीधे हमारे खाते में आता है, इसे कहां खर्च करना है इसका निर्णय भी हम खुद ही करते हैं। छोटी से बड़ी जरूरतों के लिए यह राशि हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसी तरह खेड़ीपुरा में रहने वाली अनीता ने कहा कि पिछले १५ माह से मुझे यह राशि मिल रही है, घर की दूसरी जरूरतें तो पति पूरी कर रही देते थेे। मैंने इस राशि को खर्च नहीं किया और जमा कर रखी है। इस बार मैंने रक्षाबंधन पर मोहन भैया द्वारा दिए गए लगभग १७ हजार रुपए बैंक से निकाले और उससे सोने के टॉप्स खरीदे। यह मेरे लिए मोहन भैया की एक अनमोल सौगात है। मैं उनके द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानती हूं।
महिलाओं के लिए वरदान बनी लाड़ली बहना

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