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Sunday, 18 October 2026
हरदा

सप्ताह भर तक नहीं उठता कचरा, गदंगी और समस्याओं से वार्डवासी परेशान

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अनोखा तीर, हरदा। नगर में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था धवस्त होती जा रही है। हालात यह है कि वार्डो से नियमित कचरे का उठाव भी नहीं हो रहा है। सप्ताह बीतने तक कचरे के ढेर नालियों के किनारे पड़े रहते है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण रहवासियों को परेशानी हो रही है। शहर के वार्ड २४ के हालात बहुत खाराब है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वार्ड के अंदर मौजूद गलियों में एक सप्ताह से कचरे के ढेर रोड किनारे पड़े है, जिन्हें उठाया नहीं गया है। बारिश में यही कचरा बहकर नालियों में जाएगा और नालियां चोक हो जाएगी। वार्ड के कुछ हिस्से की तो सड़क ही अभी तक नहीं बन पाई है, जबकि सड़क निर्माड कार्य का चार बार उदघाटन किया जा चुका है। लोगों ने परेशान होकर अपने घर के सामने की सड़क स्वयं के खर्च पर बनवा ली वहीं जो नहीं बना सके उनके सामने की सड़क कच्ची पड़ी है। वार्ड में बनी नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिनको दुरस्त नहीं कराया गया है। बस स्टैंड के सामने वाली गली की सड़क पर जगह-जगह गढ्ढे होने से बुजुर्गों को निकलते समय गिरने का खतरा बना रहता है। वार्ड पार्षद को वार्ड में आए महिनो गुजर गए है। जिस कारण रहवासियों में काफी नाराजगी है।

सफाई कर्मचारी जिम्मेदारी से सफाई का कार्य नहीं कर रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े हैं, जो कई दिनों तक ऐसे ही पड़े रहते हैं । हवा चलने पर कचरा उड़कर घर के अंदर तक आ जाता है। सड़क भी टूटी फूटी है, जिससे उम्र दराज लोगों को गिरने का खतरा रहता है। जिम्मेदार केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, उसके बाद दिखाई भी नहीं देते।

रहवासी- स्मिता शाह

सात-आठ दिन में एक बार सफाई करने आते है वो भी केवल खानापूर्ति करके चले जाते हैं। गदंगी इतनी ज्यादा है कि रहना मुश्किल हो जाता है। नालियों कि स्थिति बहुत खराब है जगह-जगह से टूट गई है, कोई सुनने वाला ही नहीं है, बोल-बोल कर थक चुके है। सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति का काम चल रहा है। कई दिन बीत जाते हंै कचरा नहीं उठता है।

– रहवासी, अरविंद शर्मा

चारों तरफ कचरे के ढेर पड़े है। सड़क की स्थिति बहुत खराब है, जगह-जगह गढ्ढे हो गए है। कुछ हिस्से की तो सड़क ही अभी तक नहीं बन पाई है। जो सक्षम है उन्होंने अपने खर्चे पर अपने घर के सामने सड़क बना ली है, लेकिन जो नहीं बना सकते वो मुश्किलों का सामना कर रहे है। चार बार सड़क निमार्ण का उदघाटन किया गया लेकिन एक बार भी नहीं बनाई गई।

-रहवासी, शंकर राजपूत

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