अनोखा तीर, हरदा। रबी मौसम वर्ष अंतर्गत जिले में किसानों द्वारा प्रमुख रूप से गेहूं, चना, मक्का एवं सरसों आदि फसलों की बोनी की गई है। कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि प्रसार कार्यकर्ता द्वारा लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर, किसानों को सम सामायिक सलाह दी जा रही है। उपसंचालक कृषि हरदा संजय यादव ने किसानों को सलाह दी है कि जिन किसान भाइयो द्वारा सिंचाई की जा रही है, वह किसान सिंचाई को रोक दें तथा जहां पर वर्षा ज्यादा हुई है, वहां पर जल निकासी की व्यवस्था करें तथा फसलों की निगरानी रखें। उपसंचालक श्री यादव ने बताया कि वर्तमान में मौसम की प्रतिकूल परिस्थिति में फसलों जैसे चना फसल में उकठा रोग के लक्षण दिखाई देने पर फंफूदनाशक दवाई टेबुकोनाजॉल सल्फर अथवा टेबुकोनाजॉल ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबीन, थायोफिनेट मिथाइल मेंकोजेब पूर्व मिश्रित फंफूदनाशक 250 ग्राम प्रति एकड़ दवाई का 100-125 लीटर पानी में पावर पंप द्वारा छिड़काव करें। गेहूं फसल में जड़ माहू कीट का प्रकोप कहीं-कहीं देखने को मिल रहा है। सर्वप्रथम कीट की पहचान इस प्रकार करें कि जो पौधे पीले पड़ रहे है, उन्हें जड़ सहित उखाड़कर सफेद कागज या सफेद गमछे पर झटक कर देखे कि भूरे रंग के बारिक बारिक कीट चलते हुए दिखाई देने पर क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ई.सी. 2 लीटर बालू रेत में मिलाकर खेत में भुरकाव करें अथवा दानेदार दवाई क्लोरोपायरीफॉस, 4 से 6 किलोग्राम प्रति एकड़ भुरकाव पश्चात सिंचाई करें।
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