-39 डिग्री पर पहुंचा तापमान
अनोखा तीर, मसनगांव। मौसम साफ होते ही सूरज के तीखे तेवर अब वैशाख की तपिश का एहसास कराने लगे हैं। दोपहर में पड़ रही तेज धूप के कारण गांव की गलियां सुनसान नजर आने लगी हैं। सुबह 11 बजे के बाद ही झुलसाने वाली गर्मी शुरू हो जाती है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। पिछले दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते कभी ठंडक तो कभी गर्मी का अहसास हो रहा था, लेकिन बीते दो-तीन दिनों से बादल छंटते ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है और गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।
मूंग फसल को मिलेगा फायदा
साफ मौसम और तेज धूप से गर्मी में बोई जाने वाली मूंग की फसल को लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि पिछले दिनों बादलों के कारण फसल में रोग लगने की आशंका बढ़ गई थी, लेकिन अब तेज धूप से इन बीमारियों पर नियंत्रण संभव है। किसान नवीन भायरे के अनुसार मूंग की फसल को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है, जो अब मिलने लगी है, इससे उत्पादन बेहतर होने की संभावना है।
छांव की तलाश में पशु-पक्षी
तेज गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। पशु-पक्षी भी छांव की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। मवेशियों के झुंड पेड़ों के नीचे आराम करते दिखाई दे रहे हैं, वहीं पालतू पशु भी गर्मी से परेशान हैं।
घटने लगा जल स्तर
गर्मी बढ़ने के साथ ही गांव में जलस्तर तेजी से नीचे जाने लगा है। कई घरों के ट्यूबवेल और हैंडपंपों का पानी कम होने लगा है। ग्रामीण सलीम शाह के अनुसार उनके घर का बोरिंग अब कम पानी दे रहा है, जिससे पेयजल की समस्या बनने लगी है। वहीं किसान बलराम मालवीय ने बताया कि खेतों में लगे ट्यूबवेलों का जलस्तर घटने से मूंग की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
सूखने लगे कुएं
ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे कुएं, जिनमें सर्दियों तक पानी बना रहता था, इस बार गर्मी की शुरुआत में ही सूखने लगे हैं। इसका सीधा असर गांव के जलस्तर पर पड़ा है। यदि गर्मी का यही असर जारी रहा, तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को नल-जल योजना पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा।
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