साइलेज तकनीक और ‘गौरसÓ एप से पशुपालकों को किया जागरुक

 अनोखा तीर, हरदा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला हरदा द्वारा एफआईएम कार्यक्रम अंतर्गत इंदौर रोड स्थित कार्यालय परिसर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में साइलेज तकनीक के उपयोग, हरे चारे के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीकों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘गौरसÓ एप के उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गेहलोत ने की। विशेष अतिथि के रूप में जनपद पंचायत हरदा अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल पटेल उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए 92 पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, दुग्ध सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। दर्शन सिंह गेहलोत ने कहा कि आधुनिक पशुपालन में उन्नत चारा प्रबंधन का विशेष महत्व है। साइलेज तकनीक अपनाकर पशुपालक हरे चारे की कमी के समय, विशेषकर गर्मी के मौसम में, अपने पशुओं के लिए पौष्टिक आहार सुनिश्चित कर सकते हैं। इससे दुग्ध उत्पादन में स्थिरता और वृद्धि होगी। राहुल पटेल ने विभाग की डिजिटल पहल की सराहना करते हुए पशुपालकों से शासकीय योजनाओं और ‘गौरसÓ एप का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइलेज निर्माण की विधि, कम लागत में उन्नत चारा उत्पादन तथा ई-मार्केट प्लेटफॉर्म और ‘गौरसÓ एप की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन कर तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में उपसंचालक डॉ. अजय रामटेके ने अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं पशुपालकों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यशाला में सीखी गई तकनीकों को व्यवहारिक पशुपालन में अपनाने की अपील की।

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