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Saturday, 24 October 2026
हरदा

मेंटेनेंस के नाम पर आठ घंटे गुल रही बिजली, शाम छह बजे तक नहीं लौटी सप्लाई

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-एक दिन पहले तार टूटने से भी दिनभर प्रभावित रही थी विद्युत आपूति

अनोखा तीर, मसनगांव। ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। बुधवार को विद्युत वितरण कंपनी ने सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मेंटेनेंस कार्य के लिए बिजली बंद रखने की सूचना जारी की थी, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। शाम छह बजे तक गांव में बिजली नहीं आई, जिससे ग्रामीणों को पूरे दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा। लगातार आठ घंटे तक बिजली बंद रहने से घरों में पंखे और कूलर बंद रहे। वहीं वेल्डिंग मशीन, आटा चक्की तथा अन्य बिजली आधारित छोटे व्यवसाय भी ठप पड़ गए। गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती आम बात हो गई है। कभी परमिट तो कभी फॉल्ट का हवाला देकर घंटों बिजली बंद रखी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीण कैलाश नामदेव, गणेश बास्या और मयूर भायरे ने बताया कि कंपनी की ओर से बार-बार अलग-अलग कारण बताकर बिजली बंद रखी जाती है। बुधवार को चार घंटे के मेंटेनेंस की सूचना दी गई थी, लेकिन करीब आठ घंटे तक बिजली नहीं आई। शाम छह बजे के बाद भी बिजली की आंख-मिचौली जारी रही, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि इससे एक दिन पहले भी बिजली लाइन का तार टूट जाने के कारण पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। तार टूटने के बाद तेज धमाका भी हुआ था। लगातार दूसरे दिन लंबी कटौती से लोगों में रोष है। ग्रामीणों ने विद्युत वितरण कंपनी से मांग की है कि मेंटेनेंस कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए तथा अनावश्यक और लंबी बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके।
जिम्मेदार नहीं देते सही जानकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली बंद होने पर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी सही जानकारी देने से बचते हैं। उनका कहना है कि कई बार अधिकारी मोबाइल बंद कर लेते हैं या कॉल रिसीव नहीं करते। ग्रामीणों ने मसनगांव डीसी के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।

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