अनोखा तीर, हरदा। हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम रेंज, आयुक्त नर्मदापुरम, कलेक्टर हरदा एवं पुलिस अधीक्षक हरदा को पत्र प्रेषित कर सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध दर्ज की गई कथित झूठी एफआईआर निरस्त करने की मांग की है। विधायक डॉ. दोगने द्वारा प्रेषित पत्र में उल्लेख किया कि हरदा जिले के ग्राम रेलवां निवासी अजब सिंह, उम्र 80 वर्ष, ने कथित पुलिस प्रताड़ना से व्यथित होकर 10 मई 2026 को अपने खेत में जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के विरोध में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शांतिपूर्ण तरीके से हंडिया थाना पहुंचे थे और थाना परिसर में आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की थी। पत्र में कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन उसी रात समाप्त कर दिया गया था तथा प्रदर्शन के दौरान किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा सार्वजनिक मार्ग पर चक्का जाम नहीं किया गया। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कथित रूप से दुर्भावनापूर्ण एवं राजनीतिक दबाव में झूठी एफआईआर दर्ज की गई। डॉ. दोगने ने आरोप लगाया कि पुलिस की यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है तथा जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने और उन्हें भयभीत करने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से क्षेत्र में जनता के बीच रोष व्याप्त है और शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। विधायक ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम जनता का प्रशासन एवं न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
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