ओंकारेश्वर। नर्मदा स्नान कर रहे एक परिवार के चार लोग गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। मदद की गुहार लगाने पर पास में तैनात नाविक संघ और गोताखोरों ने उन्हें देखा और तत्परता दिखाई। जिससे चारों की जान बच गई।
रामघाट पर कर रहे थे स्नान
दरअसल, ओम्कारेस्वर मंदिर के ठीक सामने केवल रामघाट पर गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का परिवार स्नान कर रहा था। स्नान के दौरान चार लोग नर्मदा नदी के गहरे पानी में पहुंच गए और डूबने लगे। परिवार के लोगों ने मदद की गुहार लगाई।
गोताखोरों ने बचा लिया
नर्मदा नदी के केवल रामघाट पर मौजूद नाविक संघ के गोताखोर राकेश केवट, जयराम भवारिया एवं एसडीआरएफ होमगार्ड गोताखोरों ने डूबते हुए शैलेष कुमार, आयुष सोनकर, अंकुर व आशीष सोनकर को अपनी जान पर खेल कर जिंदा बचा लिया।
समय पर मिल गई मदद
थोड़ी-सी भी देर हो जाती तो चारों लोग नर्मदा नदी में डूब जाते। समय पर लोगों को मदद मिल गई नहीं तो चारों लोग नर्मदा नदी की गहराई में डूब जाते। स्थानीय प्रशासन ने नर्मदा नदी में नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा रखा है। मौके पर नाविक संघ के गोताखोर तैनात थे। जो अपनी जान दाव पर लगाकर नर्मदा नदी में कूद पड़े।
ट्यूब के सहारे निकाला
घाट पर मौजूद एसडीआरएफ होमगार्ड के जवान नगर परिषद के लोगों ने तुरंत डूबते हुए लोगों तक मदद पहुंचाई ट्यूब के सहारे सभी को निकाल लिया गया। स्वजनों ने कहा कि भगवान भोलेनाथ ने ही इन लोगों को हमारी मदद के लिए भेजा था। हमारे लिए तो यही भगवान है। अगर ये लोग अपनी जान पर खेलकर हमें नहीं बचाते तो चार परिवार बर्बाद हो जाता।
बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
उल्लेखनीय है कि 2023 की विदाई की अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के पहले नर्मदा स्नान करने नदी के घाटों पर पहुंचे। छोटे वाहनों की इतनी अधिक हो गई थी कि प्रशासन को कई बार मोरटक्का में यातायात को रोकना पड़ा।इस तरह लगातार एक जनवरी 2024 को भी भीड़ रहने की संभावना जताई जा रही है। आगामी पांच दिन तक लगातार ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं लाखों की संख्या में पहुंचेंगे।
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