इंदौर। 14 लाख रुपये लूटने के बाद पुलिसवालों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। बाइक की नंबर प्लेट पर पुलिस के स्थान पर नंबर लिखवा लिए। महिला यात्री और मोबाइल चैटिंग से मामला उजागर हो गया। पुलिस ने दोनों की तीन दिन की रिमांड मांगी है। आरोपित रुपये लूटने से मना कर रहे हैं।
बचने की कोशिश की
डीसीपी का यह कहना है
डीसीपी जोन-4 आरकेसिंह के मुताबिक आरोपित योगेशसिंह चौहान और दीपक यादव से नरेंद्र तिवारी (चालक) से सामना करवाया तो कहा कि वह झूठा फंसा रहा है। एक राहगीर ने शिकायत की थी कि बस चालक कट मारकर भाग रहा है। दोनों ने बस को पूछताछ के लिए रुकवाया था। जिस बाइक से बस रोकने गए उसकी नंबर प्लेट पर पुलिस लिखा हुआ था। वारदात के बाद उस पर नंबर लिखवा लिए।
महिला यात्री ने कर दी हरकत बयां
पुलिस ने महिला यात्री से पूछताछ की तो उसने पुलिसवालों की हरकत बयां कर दी। एक आरोपित के मोबाइल में चैटिंग मिली है। वह दोस्त से खाते में रुपये जमा करवाने के बारे में बात कर रहा था। डीसीपी के मुताबिक दोनों की मोबाइल की लोकेशन भी घटना स्थल पर मिली है। डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी के मुताबिक दोनों सिपाही अनुकंपा नियुक्ति पर थे।
पूछताछ में किया मना
योगेशसिंह के पिता भारतसिंह चौहान प्रधान आरक्षक और दीपक के पिता रामेश्वर यादव एएसआइ (आरएपीटीसी) रहे हैं। बुधवार को पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो चालक नरेंद्र तिवारी से रुपयों से भरा पार्सल लूटने से मना करने लगे। पुलिस ने योगेश घर (द्रविड़ नगर) और दीपक के घर (आरएपीटीसी) में तलाशी भी ली। हालांकि पुलिस को रुपये नहीं मिले हैं। गुरुवार को दोनों को कोर्ट पेश कर तीन दिन का रिमांड मांगा।
हवाला का रुपये बताया, व्यापारी का इन्कार
पुलिस के मुताबिक रुपया हवाला का था। जेल रोड, आरएनटी मार्ग, सपना संगीता रोड के कई व्यापारी इसी तरह रुपये भिजवाते हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि हवाला के रुपयों की रिपोर्ट नहीं होती है। व्यापारी अंकित जैन से पूछताछ की तो कहा कि उसकी जेल रोड दुकान है। व्यापारियों को खरीदारी के रुपये पार्सल से ही भिजवाता है।
Views Today: 2
Total Views: 102

