उज्जैन। महामंगल की जन्म स्थली कहे जाने वाले मंगलनाथ मंदिर में भौमवती अमावस्या पर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भात पूजन, कालसर्प दोष, अर्क विवाह, कुंभ विवाह, श्रापित दोष तथा अंगारक दोष पूजन किया। मंदिर समिति द्वारा 1313 भक्तों की शासकीय रसीद काटी गई। इससे समिति को 2 लाख 52 हजार 750 रुपये की आय प्राप्त हुई है।
मंदिर प्रशासक कृष्णकुमार पाठक ने बताया महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के बाद सबसे ज्यादा श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ के करने पहुंच रहे हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु मांगलिक दोष के निवारण तथा पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति के लिए मंदिर में भगवान मंगलनाथ का पंचामृत अभिषेक पूजन व भातपूजा भी करवाते हैं।कालसर्प दोष निवारण सहित अन्य पूजन भी विद्वान ब्राह्मणों द्वारा कराई जाती है। मंगलवार को भौमवती अमावस्या के संयोग में एक हजार तीन सौ से अधिक भक्तों ने दर्शन पूजन का लाभ लिया। करीब 20 हजार भक्तों ने सामान्य दर्शन किए। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूजन के साथ दर्शन का सिलसिला निर्बाध रूप से चलता रहा।

